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मैं संजय दत्त जैसा ईमानदार व हिम्मतवाला नहीं हूं: रणबीर कपूर

अपनी जिंदगी की सच्चाई को पर्दे पर उजागर करने की हिम्मत रणबीर में नहींं...

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Dilip Chaturvedi

Jul 12, 2017

ranbir kapoor

ranbir kapoor

अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों अपनी फिल्म 'जग्गा जासूस' का जमकर प्रचार करने में जुटे हुए हैं। इसके बाद उनका पूरा ध्यान संजय दत्त की बायोपिक पर रहेगा। इसमें वे संजय दत्त का किरदार निभा रहे हैं। हालांकि, वे नहीं चाहते कि उन पर कभी फिल्म बने। रणबीर कहते हैं कि उनमें संजय की तरह अपनी जिंदगी के सच को उजागर करने की हिम्मत नहीं। निजी जिंदगी पर शायद वे दिल खोलकर न बात कर सकें, लेकिन अपनी फिल्मों पर वे खूब बात करते हैं। एक और स्कूली बच्चे और दूसरी ओर एक विवादित अभिनेता का किरदार निभा रहे रणबीर से उनकी फिल्मों पर बात की, तो बहुत कुछ सामने आया। जानिए आप भी...

हीरो नहीं है जग्गा...
जग्गा का किरदार हीरो टाइप किरदार नहीं है , क्योंकि जासूस बनने के लिए आपको हीरो की तरह दिखने की जरूरत नहीं होती। वैसे भी हम इस किरदार को थोड़ा हटके बनाना चाहते थे और इसलिए हमने जग्गा के हेयरस्टाइल और अन्य तमाम चीजों पर एक्सपेरिमेंट किया।

हेयरस्टाइल टिनटिन वाला...
फिल्म में मेरा हेयरस्टाइल टिनटिन से प्रेरित है, लेकिन हमारी कहानी टिनटिन जैसी नहीं। जग्गा जासूस को टिनटिन, शरलॉक होम्स, ब्योमकेश बख्शी और हार्डी ब्यॉज जैसे जासूसों से प्रेरणा मिली है।

बच्चों की फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट!
सेंसर बोर्ड ने अपना काम बखूबी किया है। हमें इससे कोई परेशानी नहीं है। 'द जंगल बुक' को भी यू/ए सर्टिफिकेट दिया गया था, जबकि वह बच्चों की फिल्म थी। दरअसल, 'जग्गा जासूस' में एक्शन बहुत है। हमें बोर्ड के फैसले से कोई शिकायत नहीं है।

बायोपिक और मैं...
मुझे नहीं लगता कि मैं अपनी जिंदगी को लेकर कभी इतना ईमानदार हो पाऊंगा कि अपनी कहानी को पर्दे पर पेश करने की हिम्मत जुटा सकूं। हर किसी में संजय दत्त जितनी हिम्मत नहीं होती, क्योंकि बायोपिक में सिर्फ अच्छाइयां ही नहीं, बल्कि बुराइयों और कमियों को भी दिखाना पड़ता है। यह बहुत मुश्किल है।

एक दशक रणबीर...
मुझे इंडस्ट्री में 10 साल पूरे हो गए हैं और मैं अपने अब तक के कॅरियर से खुश हूं, लेकिन संतुष्ट नहीं हूं। अभी भी बहुत कुछ करना है। मैं वही करता रहा हूं, जिसे करने में मुझे मजा आता है। मैं आज में जीता हूं, कल की चिंता में नहीं कुढ़ता।'

कैटरीना का साथ...
समय के साथ हर रिश्ते में बदलाव आता है। हम तब भी दोस्त थे और अब भी हैं। हमें एक-दूसरे के साथ काम करना अच्छा लगता है। यदि यह फिल्म चलेगी और निर्देशक हमें किसी फिल्म में एक साथ लेना चाहेंगे, तो जरूर एक-साथ काम करेंगे।

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