संजय दत्त का जेल जाने का सफर 1993 में शूरू हुआ। जब वब मुंबई बम धमाकों में फंसे थे।
बॅालीवुड स्टार संजय दत्त ने इस इंडस्ट्री को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। खलनायक के नाम से मशहूर हुआ ये स्टार 90के दशक से चर्चा में बना रहा। पर जितना वह अपने कॅरियर को लेकर मीडिया में मशहूर रहे उससे कहीं ज्यादा उनका नाम निजी मामलों की वजह से उछाला गया। राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू में हमने संजय की जिंदगी के कई पहलुओं को जाना। फिल्म में उनका जेल का किस्सा देख तो हर किसी की रूह कांप गई। पर इस शख्स ने साकारात्मक तरीके से अपने उन दिनों का सामना किया। गौरतलब है कि, 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के मामले की सुनवाई विशेष टाडा अदालत में शुरू हुई थी।
पहली बार संजय दत्त को 19 अप्रैल, 1993 को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन 18 दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई। 5 मई को उन्हें जमानत मिली थी
इसके बाद जुलाई, 1994 में उनकी बेल कैंसिल हुई और उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया। अक्टूबर, 1995 को उन्हें बेल पर रिहा किया गया।
उन दिनों सुनील दत्त ने संजय की रिहाई के लिए बहुत कोशिशे की। पर हर बार उन्हें थकहार कर लौटना पड़ा। बहरहाल लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद 1997 में उन्हें फिर जमानत मिली। लेकिन दो साल का यह समय लंबा था
संजय के केस की सुनवाई अब साल 2006 में होनी थी। साल 1997 से 2006 के बीच संजय ने कई बड़ी फिल्मों में काम किया। इनमें 'दुश्मन', 'वास्तव', 'कांटे', 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' और 'परिणीता' जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड का ए-लिस्ट एक्टर बना दिया।
31 जुलाई, 2007 को जब टाडा कोर्ट ने दत्त को छह साल की सजा सुनाई, तो उन्होंने परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखने की दलील दी। लेकिन इसके बावजूद अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया। इसके बाद संजय दत्त का जेल जाने और आने का ऐसा सफर शुरू हुआ। 31 जुलाई को सजा सुनाए जाने के बाद संजय साल 2007 में दो बार जेल से जमानत पर बाहर आए और वापस गए। यह सिलसिला तब थमा, जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी।
2007 में उन्होंने 'लगे रहो मुन्नाभाई' और 'शूटआउट एट लोखंडवाला' जैसी फिल्मों में काम किया। लेकिन उसी दौरान संजय को सुप्रीम कोर्ट ने भी दोषी करार दिया।
साल 2013 में टाडा अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए संजय को पांच साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, चार बार में कुल 17 महीने 6 दिन की जेल संजय पहले ही काट चुके थे। संजय जेल जाने के बाद भी विवादों में रहे। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने पैरोल पर बाहर आना शुरू किया।
संजय दिसंबर 2014 को अपनी पत्नी मान्यता की खराब होने के चलते तीन बार पैरोल पर रहे। इसे लेकर मीडिया में काफी सवाल उठे। आखिरकार संजय दत्त 25 फरवरी साल 2016 को रिहा हुए।