बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या (Sushant Singh Rajput Suicide) के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। वहीं अब सुशांत की बेस्ट फ्रेंड और उनकी पब्लिसिटी मैनेजर रहीं रोहिणी अय्यर (Sushant best friend Rohini Iyer) ने एक ओपन लेटर लिखा है और लोगों से अपना एजेंडा दूर रखने की बात कही है।
नई दिल्ली | बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या (Sushant Singh Rajput Suicide) के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि फिल्म इंडस्ट्री के बड़े प्रोडक्शन हाउस ने उसे बैन (Sushant Singh Rajput Banned) कर दिया था जिसके चलते पिछले कुछ वक्त से उनके हाथों से सभी फिल्में निकल गई थीं और वो डिप्रेशन (Sushant Singh Rajput Depression) में चले गए थे। कंगना रनौत (Kangana Ranaut) से लेकर शेखर कपूर जैसे कुछ सेलेब्स ने बॉलीवुड के नेपोटिज्म को लेकर कई खुलासे किए हैं। तो वहीं अब सुशांत की बेस्ट फ्रेंड और उनकी पब्लिसिटी मैनेजर रहीं रोहिणी अय्यर (Sushant best friend Rohini Iyer) ने एक ओपन लेटर लिखा है और लोगों से अपना एजेंडा दूर रखने की बात कही है।
रोहिणी ने अपने पोस्ट (Rohini Iyer post on Sushant) के जरिए उन लोगों पर निशाना साधा है जो लोग कह रहे हैं कि सुशांत ने काम ना मिलने के कारण सुसाइड कर ली। उन्होंने अपने लंबे चौड़े पोस्ट में लिखा- मेरा बेस्टफ्रेंड अब नहीं रहा, मेरे लिए अभी भी ये बहुत मुश्किल वक्त है। जब भी मैं सोशल मीडिया देखती हूं तो उसमें बस फिक्शन कहानियां दिख रही हैं। लोग अपना एजेंडा प्रमोट कर रहे हैं, अपनी नीतियों को फायदा उठा रहे हैं। पहली बात सुशांत को फेम और तुम्हारे ओपिनियन से कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता जो ये लिख रहे हैं कि वो उसके संपर्क में नहीं रह सके। उसे नकली दोस्तों, फोन कॉल्स और छोटी बातों से बेहद नफरत थी। उसने तुम्हारी पार्टी खुद रिजेक्ट (Sushant rejected parties) की थीं, तुमने उसे नहीं रोका था। उसे किसी कैंप की जरूरत नहीं थी, उसका खुद का अपना किंगडम (Sushant kingdom) था। वो योद्धा था। उसने तेज धूप में अपनी खुद की जगह बना ली थी। वो कभी हारा नहीं। उसने उसके साथ काम करने वालों से ज्यादा फिल्में दी थीं। 100 करोड़ के क्लब में उसे कभी शामिल नहीं होना था। वो अवॉर्ड मिलने से पहले उठकर चला आया था क्योंकि वो बोर हो रहा था। आपको उसकी अटेंशन पाने के लिए एक ट्रॉफी वाले से ज्यादा बनना था। वो क्वांटम फिजिक्स की तरह सिंपल था। वो पागल जीनियस Sushant was crazy genius) था। वो Sartre और Nietzsche पढ़ता था। वो पोइट्री लिखता था, गिटार बजाता था और वो अपने दोनों हाथों से लिख सकता था, विश्व की, मंगल पर जाने की, वो चैरिटी करता था, साइंस प्रोजेक्ट में रुची थी। फिल्मों से अलग भी उसकी एक दुनिया थी। उसे ग्रह को बचाने की चिंता थी, कृपया अपने एजेंडा से उसके टैलेंट को कम ना करें।