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70 साल की महिला को अस्पाताल स्टाफ ने 3 दिन तक अंधेरे कमरे में रखा बंद, किसी तरह बाहर आकर सुनाई आपबीती

कड़कड़ाती ठंड में महिला 3 दिन से अस्पताल के एक कमरे मे बंद पड़ी थी। ना उसे खाना दिया गया ना ही एक बूंद पानी।

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बदायूं के जिला अस्पताल में एक 70 साल की बीमार महिला को बिना खाना और दवा के तीन दिनों तक अंधेरे कमरे में बंद रखा गया। तीन दिन बाद किसी ने मामले की शिकायत DM से की तो बुजुर्ग को इस कमरे से रिहाई मिली। DM के आदेश पर CMO ने पहुंचकर उसे बाहर निकलवाया।

मरीजों ने सुनी चीख की आवाज
सोमवार की शाम अस्पताल में मौजूद मरीजों ने इमरजेंसी वार्ड के अंदर से एक महिला के चीखने की आवाज सुनी। एक मरीज ने जाकर दरवाजा खोला तो देखा कि एक बूढ़ी महिला फर्श पर पड़़ी है। कमरे में वो बिल्कुल अकेली थी। महिला को उठाया तो उसने कहा कि मुझे बाहर निकाल लीजिए। इस पर मरीज ने ये सूचना फोन पर डीएम ऑफिस को दी।

“जबरन लगाते थे इंजेक्शन”
महिला ने बताया, “स्टाफ ने 3 दिन पहले मुझे इस वार्ड में बंद किया था। रात को दो लोग आते थे और मुझे जबरदस्ती इंजेक्शन लगा कर चले जाते थे। इसके बाद मैं सो जाती थी और दूसरे दिन ही आंख खुलती थी। मुझे खाने-पीने को भी कोई नहीं देता था।”

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पुलिस छोड़ कर गई थी अस्पताल में
ये बुजुर्ग महिला 3 दिन पहले महिला पुलिस को लावारिस हालत में मिली थी। महिला की सेहत को देखते हुए पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था। इसके बाद 3 दिन तक किसी ने उसकी सुध नहीं ली।

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