21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अंतरिम बजट 2019: सस्ता हो जाएगा AC, TV, फ्रिज समेत ये सामान, 1 फरवरी काे सरकार कर सकती है एेलान

कंज्यूर इलेक्ट्राॅनिक्स एंड अप्लायंस मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (CEAMA) ने सरकार को सलाह दिया है कि इन सभी सामानों के आयात पर लगने वाले क्सटम ड्यूटी को घटा दिया जाए।

2 min read
Google source verification
Home Appliances

अंतरिम बजट 2019: सस्ता हो जाएगा AC, TV, फ्रिज समेत ये सामान, 1 फरवरी काे सरकार कर सकती है एेलान

नर्इ दिल्ली। आगामी अंतरिम बजट में सरकार टीवी, फ्रिज, एयर कंडिशनर आैर वाॅशिंग मशीन के दाम को कम करने का एेलान कर सकती है। कंज्यूर इलेक्ट्राॅनिक्स एंड अप्लायंस मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (CEAMA) ने सरकार को सलाह दिया है कि इन सभी सामानों के आयात पर लगने वाले क्सटम ड्यूटी को घटा दिया जाए। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ceama ने सरकार ने कम्प्रेसर, बैटरी आैर डिस्प्ले पैनल समेत कुछ सामानाें पर कस्टम ड्यूटी घटाने को लेकर भी बात की है। इन सामानों पर मौजूदा कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी है जिसे घटाकर 5 फीसदी करने का आग्रह किया गया है। यह कदम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बूस्ट को लेकर उठाया जा सकता है।


पिछले बजट में सरकार ने बढ़ाया था कस्टम ड्यूटी

CEAMA के अध्यक्ष कमल नंदी ने न्यूज एजेंसी को दी गर्इ जानकारी में कहा, "इससे मैन्युफैक्चर्स को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी साथ ही बाजार में इस सेग्मेंट में प्रतिस्पर्धा भी बनेगी। इससे निर्यात में इजाफ के साथ-साथ एसीर्इ गुड्स पर टैक्स फायदा भी होगा।" पिछले साल बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोबाइल फोन्स पर कस्टम ड्यूटी को 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया था। साथ ही माेबाइल फोन्स के कुछ पार्ट्स आैर टीवी पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। इसके बाद सितंबर माह में, राजकोषीय घाटे पर दबाव को देखते हुए सरकार ने 10 किलोग्राम से कम क्षमता वाले वाॅशिंग मशीन, फ्रिज आैर एसी पर कस्टम ड्यूटी को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया था।


सरकार केवल कस्टम ड्यूटी में की कर सकती है बदलाव

बताते चलें कि इस बार का बजट अंतरिम बजट होगा आैर इसे अंतरिम वित्त मंत्री एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल पेश करेंगे। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद अब सरकार के पास अप्रत्यक्ष कर में अधिक बदलाव करने का स्कोप नहीं है। जीएसटी काउंसिल ही जीएसटी दरों से संबंधित सभी फैसले लेती है। सरकार इसमें कस्टम ड्यूटी से जुड़े हुए ही फैसले ले सकती है। साथ ही सरकार उन सामानों पर लगने वाले अप्रत्यक्ष कर में भी बदलाव कर सकती है जो जीएसटी के दायरे में नहीं आती।
Read more stories on Interim Budget 2019