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छुट्टी के दौरान बॉस के मैसेज का रिप्लाई न देना पड़ा भारी, सॉफ्टवेयर डेवलपर की चली गई नौकरी!

Manager ego corporate culture: सोशल मीडिया पर मैनेजर के ईगो कल्चर को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसकी वजह है एक कर्मचारी का यह दावा कि बॉस के मैसेज का जवाब नहीं देने के चलते उसे नौकरी से निकाला गया।

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Employee fired for ignoring message

सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है। (PC:AI)

Employee fired for ignoring Boss message: बॉस के मैसेज का तुरंत जवाब न देना बहुत भारी पड़ सकता है। एक सॉफ्टवेयर डेवलपर को केवल इसलिए अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा, क्योंकि उससे बॉस के मैसेज का जवाब नहीं दिया। अब इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर डेवलपर का कहना है कि क्रिसमस-नए साल की छुट्टियों के दौरान उसे अपने बॉस का मैसेज मिला। हालांकि, वह उसका जवाब नहीं दे पाया क्योंकि मोबाइल सिग्नल की दिक्कत थी। बॉस ने इसे अपने ईगो पर ले लिया और पिंक स्लिप थमा दी।

कोई चेतावनी नहीं दी गई

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसका शीर्षक है - छुट्टियों के दौरान मैनेजर के मैसेज का जवाब न देने के चलते नौकरी से निकाल दिया गया। यह पोस्ट लिखने वाले सॉफ्टवेयर डेवलपर कहना है कि उसे कोई चेतावनी नहीं दी गई, न ही परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट का कोई मौका दिया गया। मेरे द्वारा मैसेज का जवाब नहीं करने को मैनेजर ने अपने ईगो पर ले लिया और मुझे नौकरी से निकाल दिया। यह जानते हुए भी कि उस समय छुट्टियां चल रही थीं और मैं ऐसी जगह पर था जहां सिग्नल की दिक्कत रहती है।

इनकम का बैकअप सोर्स नहीं

OP नाम के इस सॉफ्टवेयर डेवलपर ने अपने पोस्ट में लिखा है - मैं 29 साल का हूं और हाल ही में मेरे मैनेजर की ईगो के चलते मेरी नौकरी चली गई। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ लिखूंगा, लेकिन लिख रहा हूं। मेरे पास इनकम का कोई बैकअप सोर्स नहीं है। मुझे कोई वॉर्निंग या PIP (performance improvement plan) भी नहीं दिया गया। मेरे बॉस को केवल इसलिए गुस्सा आया क्योंकि मैंने क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के दौरान उनके मैसेज का जवाब नहीं दिया। मैं उस समय शहर के बाहर छुट्टियां एन्जॉय कर रहा था। पहाड़ों के बीच सिग्नल की भी दिक्कत थी। बॉस को लगा कि मैंने जानबूझकर अपना फोन बंद कर दिया है (अजीब मैनेजमेंट की सोच)। असल में, यह उनका ईगो ही है जिसकी वजह से मैं इस स्थिति में फंसा हूं।

अब इस बात का सता रहा डर

सॉफ्टवेयर डेवलपर ने बताया कि उसे सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में अच्छा अनुभव है और वह फ्रंटएंड डेवलपर के तौर पर काम कर रहा था। नौकरी से निकालने की वजह परफॉर्मेंस बताई गई है, लेकिन उसका कहना है कि इसके पीछे असल वजह मैनेजर का ईगो है। सॉफ्टवेयर डेवलपर को डर है कि इस पोस्ट के बाद शायद उसे रिलीविंग लेटर और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी न दिए जाएं। उसका कहना है कि जॉब मार्केट की स्थिति खास अच्छी नहीं है, लेकिन मैंने जॉब पोर्टल्स पर अपना प्रोफाइल अपडेट कर दिया है। उम्मीद है कि जल्दी मुझे कोई दूसरी नौकरी मिल जाएगी।

लोग बोले - सरकार से करो शिकायत

इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स ने OP को श्रम मंत्रालय में शिकायत करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि कोई भी कंपनी इस तरह किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकती। वहीं, एक यूजर ने लिखा है - भारतीय मैनेजरों का ईगो बहुत ज्यादा है। वे सीनियर लीडरशिप को प्रभावित रखते हैं। इसलिए अगर आप मैनेजर के ईगो को चैलेंज करेंगे, तो इसकी कीमत चुकनी पड़ेगी। मैंने 2024 में खुद इसका अनुभव किया है। सबसे अच्छा तरीका है कि जब तक बहुत ज़रूरी न हो, किसी भी झगड़े से बचें। एक अन्य ने लिखा है कि आप उनकी हिटलिस्ट में पहले से ही थे, उन्हें बस एक मौके की तलाश थी।