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Union Budget 2021: तीन नए मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव, उद्योगिक परिवहन को मिलेगी रफ्तार

- लगभग 4,000 किलोमीटर के तीन नए समर्पित मालवाहक कॉरिडोर (डीएफसी) की घोषणा की।- नए रेल माल परिवहन कॉरिडोर से उद्योगिक परिवहन को रफ्तार मिलेगी ।- इन कॉरिडोर पर पीपीपी मॉडल के जरिए काम किया जाएगा।

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Union Budget 2021: तीन नए मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव, उद्योगिक परिवहन को मिलेगी रफ्तार

Union Budget 2021: तीन नए मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव, उद्योगिक परिवहन को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली । केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को उद्योग पर ध्यान केंद्रित करने और माल परिवहन के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के लिए लगभग 4,000 किलोमीटर के तीन नए समर्पित मालवाहक कॉरिडोर (डीएफसी) की घोषणा की। वित्तमंत्री ने 2021-22 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए सोननगर से दानकुनी तक 538 किलोमीटर तक पूर्वी समर्पित मालभाड़ा गलियारा (ईडीएफसी) के विस्तार की भी घोषणा की, जिसके लिए रेलवे ने सोननगर-गोमोह के लिए 93 प्रतिशत और गोमोह-दानकुनी खंड के लिए 86 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया है। ईडीएफसी पर 263 किलोमीटर के सोननगर-गोमोह खंड पर इस साल सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) तरीके से ही काम किया जाएगा। 274.3 किलोमीटर के गोमो-दानकुनी खंड पर भी जल्द काम शुरू होगा।

इन कॉरिडोर पर होगा काम -
नए गलियारों में पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा तक 1,115 किलोमीटर के पूर्वी तट का गलियारा शामिल है। इसके अलावा 1,673 किलोमीटर का पूर्व-पश्चिम गलियारा, जो भुसावल-नागपुर-खड़गपुर-दानकुनी (कोलकाता के पास), 195 किलोमीटर के राजखर्सवान-कालीपहाड़ी-अंडाल (पश्चिम बंगाल) को जोड़ता है। इसके अलावा 975 किलोमीटर का उत्तर दक्षिण उप-गलियारा विजयवाड़ा-नागपुर-इटारसी (मध्य प्रदेश) मार्ग को आपस में जोड़ता है। भविष्य में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यानी समर्पित मालभाड़ा गलियारा परियोजनाओं- खड़गपुर से विजयवाड़ा के लिए पूर्वी तट गलियारा, भुसावल से खड़गपुर और फिर दानकुनी तक पूर्व-पश्चिम गलियारा और इटारसी से विजयवाड़ा तक उत्तर-दक्षिणी गलियारा तक काम होगा।

2030 तक पूरा होगा काम -
समर्पित फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित डीएफसी राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर की अगली बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का हिस्सा है। पिछले साल रेलवे ने तीन नए गलियारों के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू किया था, जो 2021 तक पूरा हो जाएगा, जबकि इन नए गलियारों का निर्माण 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए पहले चरण में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जाएगी। भारतीय रेलवे ने पिछले साल देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में औद्योगिक क्षेत्रों को जोडऩे वाले लगभग 4,000 किलोमीटर लंबे नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर पर एक विस्तृत अध्ययन शुरू किया था, जो इस साल तक पूरा होने की उम्मीद है।

ये रेलवे नेटवर्क होंगे मजबूत -
ये गलियारे ओडिशा में पारादीप, धामरा, गोपालपुर बंदरगाहों और आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, गंगावरम, काकीनाडा, कृष्णापट्टनम और मचलीपट्टनम बंदरगाहों को संपर्क प्रदान करेंगे। इससे माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के मामले में रेलवे नेटवर्क को विशेष मजबूती मिलेगी।

ओडिशा के विकास को मिलेगी रफ्तार -
ओडिशा के विकास को एक बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए खड़गपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर राज्य के कलीनगर औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जो इसे दक्षिणी भारत से जोड़ेगा। अधिकारी ने कहा कि 264 किलोमीटर के सोननगर-गोमो खंड को पहले चरण में और दूसरे चरण में 274 किलोमीटर के गोमो-दानकुनी खंड को बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोननगर-गोमो खंड के लिए अनुमानित लागत 8,000 करोड़ रुपये है, जबकि गोमो-दानकुनी खंड के लिए अनुमानित लागत 6,500 करोड़ रुपये आएगी।