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केंद्रीय बजट 2026-27 से हुब्बली-धारवाड़ को झटका

नई परियोजनाओं के अभाव में निराशा रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र की प्रमुख मांगें अनसुनी भाजपा ने बताया आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम विपक्ष ने साधा निशाना हुब्बल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया वर्ष 2026-27 का आम बजट हुब्बल्ली-धारवाड़ सहित संपूर्ण धारवाड़ जिले के लिए निराशाजनक साबित […]

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Hubballi-Dharwad suffers a setback in the Union Budget 2026-27

हुब्बल्ली के कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सभाभवन में बजट के प्रसारण को देखते संस्था के सदस्य।

नई परियोजनाओं के अभाव में निराशा

रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र की प्रमुख मांगें अनसुनी

भाजपा ने बताया आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

विपक्ष ने साधा निशाना

हुब्बल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया वर्ष 2026-27 का आम बजट हुब्बल्ली-धारवाड़ सहित संपूर्ण धारवाड़ जिले के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। बजट में जिले के लिए किसी भी नई परियोजना की घोषणा न होने से विभिन्न वर्गों—राजनीतिक दलों, उद्योग संगठनों, किसानों और शिक्षाविदों में असंतोष देखने को मिल रहा है।

लंबित मांगें फिर अधूरी

क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांगों जैसे, धारवाड़ मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (डिम्हांस) को बेंगलूरु के निम्हांस मॉडल पर विकसित करना, जल संसाधन विश्वविद्यालय की स्थापना, हुब्बल्ली-अंकोला रेल परियोजना, धारवाड़-बेलगावी नई रेल लाइन, समग्र रेल कोच निर्माण कारखाना, हुब्बल्ली-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इनमें से किसी को भी बजट में स्थान नहीं मिला।

विशेष रूप से रेल कनेक्टिविटी को लेकर क्षेत्र में नाराजगी अधिक है। नागरिक संगठनों का कहना है कि यदि इन रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाती, तो उत्तर कर्नाटक के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलती।

आंशिक राहत

हालांकि, बजट में किसान क्रेडिट कार्ड, फसल-आधारित योजनाओं और किसानों की आय बढ़ाने के प्रस्तावों का ग्रामीण क्षेत्रों में आंशिक स्वागत किया गया है। वहीं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के प्रावधान को उद्योग जगत ने सकारात्मक कदम बताया है।

अनदेखी चिंताजनक

कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जी.के. आदप्पागौडर ने कहा कि एमएसएमई को सहायता अच्छी है, लेकिन बागवानी फसलों, प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज और महादयी सहित सिंचाई परियोजनाओं की अनदेखी चिंताजनक है। क्षेत्रीय विकास की अनदेखी से निराशा बढ़ी है। यदि बेंगलूरु के बाहर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाता, तो हुब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ते।

शिक्षा जगत की प्रतिक्रिया

नवलगुंद सरकारी प्रथम श्रेणी महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक प्रसन्न फंडरी ने कहा कि वर्ष 2047 तक डेटा सेंटर स्थापित करने वालों को कर छूट देना और दूसरे व तीसरे स्तर के शहरों के विकास के लिए सिटी इकोनॉमिक जोन के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जिससे हुब्बल्ली-धारवाड़ को लाभ मिल सकता है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने बजट को दूरदर्शी, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में बताया। विधायक महेश टेंगिनकाई और अरविंद बेल्लद ने कहा कि कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

वहीं, विपक्षी विधायकों ने बजट को मुद्रास्फीति नियंत्रण में विफल, राज्य के साथ अन्यायपूर्ण और घोषणाओं तक सीमित बताया। विधायक प्रसाद अब्बय्या ने कहा कि उच्च कर योगदान देने के बावजूद कर्नाटक को कोई विशेष परियोजना नहीं दी गई, जो संघीय व्यवस्था की भावना के विरुद्ध है।

कुल मिलाकर, बजट से कुछ वर्गों को राहत मिली है, लेकिन हुब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित विकास आकांक्षाएं एक बार फिर अधूरी रह गई हैं।