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बसपा को बड़ा झटका: पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने बसपा सुप्रीमो मायावती को भेजा इस्‍तीफा

बहुजन समाज पार्टी को मेरठ में होने जा रहे पार्टी के महासम्मेलन से ठीक पहले बड़ा झटका

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Bulandshahar

Former MLA Dilnawaz Khan

बुलंदशहर. बहुजन समाज पार्टी को मेरठ में होने जा रहे पार्टी के महासम्मेलन से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। स्याना के पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। उन्‍होंने सीधे इस्तीफा बसपा अध्यक्ष मायावती को भेजा है, हालांकि इस्तीफा देने के पीछे परिवारिक कारण बताया जा रहा है। दिलनवाज के इस्तीफे के बाद कई तरफ की चर्चाओं से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

बता दें दिलनवाज खान 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर स्याना विधासभा क्षेत्र से विधायक बने थे। वहीं विधानसभा चुनाव 2017 से पूर्व वह कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हो गए थे और बसपा के टिकट पर चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। बताया जा रहा है कि उस दौरान नसीमुद्दीन सिद्दीकी के प्रयासों से ही उन्‍होंने बसपा ज्‍वाइन की थी। अब उन्होंने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को त्याग पत्र का फैक्स से भेजा है। उसमें लिखा है कि व्यक्तिगत कारणों से वे बहुजन समाज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता व पार्टी की समस्त जिम्मेदारियों से त्याग पत्र दे रहे हैं। दिलनवाज के त्याग पत्र देने से क्षेत्र में बसपा को बड़ा झटका लगा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि वे अभी कोई पार्टी ज्वाइन नहीं कर रहे हैं।

पुराने घर में कर सकते हैं वापसी

दिलनवाज खान ने भले ही पत्ते न खोले हों, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह अपने पुराने घर यानि कांग्रेस में वापस जा सकते हैं। क्योंकि उनकी राजनीति की पृष्ठभूमि कांग्रेस की है। उनके पिता इम्ति‍याज खान दो बार कांग्रेस से विधायक रहे हैं। वहीं उनके दादा मुमताज मोहम्मद चार बार विधायक रहे हैं और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। चर्चाएं यह भी हैं कि समाजवादी पार्टी भी ज्वाइन कर सकते हैं। रालोद में जाने के रास्ते भी खुले हुए हैं।

चर्चाओं का बाजार गर्म

स्याना के पूर्व विधायक दिलनवाज खान के इस्तीफा देने के बाद चर्चाओ का बाजार गर्म हो गया है। चर्चा है कि लगातार दो विधानसभा चुनाव व एक लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद बसपा को और भी झटके लग सकते हैं। जिले में अभी शुरुआत है। माना जा रहा है कि कई और बड़े नेता पार्टी को छोड़ सकते हैं।

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