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Bulandshahr: Article 370 हटाए जाने के बाद मुस्लिम महिला ने पाकिस्‍तानी उच्‍चायुक्‍त से लगाई यह गुहार

खास बातें- पाकिस्तान से अपने मायके में आई है महिला बुलंदशहर के सिकंद्राबाद में रह रही है नजराना हापुड़ जनपद के बाबूगढ़ में है मायका

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बुलंदशहर। इस समय भारत ( India ) में आई एक मुस्लिम महिला ने पाकिस्‍तानी ( Pakistan ) उच्‍चायुक्‍त से गुहार लगाई है। यह महिला पाकिस्तान से अपने मायके में आई है। उसके साथ उसकी दो बेटियां भी हैं। भारत और पाकिस्‍तान में चल रही टेंशन की वजह से ये वापस नहीं जा पा रही हैं।

भारत-पाक संबंधों में आई हुई है खटास

भाजपा सरकार ने जब से जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 ( Article 370 ) हटाया है, तब से पाकिस्तान और भारत के संबंधों में खटास आ गई है। इसके चलते रेल और बस यात्रा पर रोक लग गई है। इससे परिवार परेशान है। महिला बुलंदशहर के सिकंद्राबाद में अपनी रिश्तेदारी में रह रही है।

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शादी के 14 साल बाद आई थी मायके

शादी के 14 वर्ष बाद पाकिस्तान से अपने मायके आई नजराना ने अफसोस जाहिर करते हुए बताया कि हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच अच्छे रिश्ते होने चाहिए। पता नहीं वे कौन लोग हैं, जिनकी वजह से रिश्तों में मिठास की बजाय जहर घुलता जा रहा है। वह 29 जुलाई को दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस से अपनी दो बेटियों के साथ दिल्ली आई थी। वहां से उनके रिश्तेदार सिकंद्राबाद लेकर आए थे। 11 सितंबर तक उनके वीजा की अवधि है। उससे पहले ही उनको अपने मुल्क वापस लौटना है।

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दिल्‍ली में पाकिस्‍तानी हाईकमीशन से किया संपर्क

सिकंद्राबाद में नजराना की बुआ सास का घर है। उनकी एक बेटी अलिशा 11वीं और दूसरी अलीशबा 12वीं की छात्रा है। उनका कहना है कि हिन्दुस्तान के लोग बहुत अच्छे हैं। उन्‍हें चिंता इस बात की सता रही है क‍ि वे अब वापस कैसे जाएंगी। भारत-पाक में तनाव चल रहा है। समझौता एक्सप्रेस व दिल्ली-लाहौर बस सेवा बंद कर दी गई है। पाकिस्‍तान जाने के लिए नजराना ने पाकिस्तानी हाई कमीशन से दिल्ली में संपर्क कर मदद मांगी है। नजराना ने बताया कि अब वाघा बार्डर के रास्ते से पाकिस्तान जाने का रास्ता बचा है। नजराना का हापुड़ जनपद के बाबूगढ़ में मायका है। वीजा बुलंदशहर जनपद का होने की वजह से वह अपने मायके भी नहीं जा सकती हैं।

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