अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 6 महीने के बच्चे की मौत हो गई। मासूम को सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए।
बूंदी। अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 6 महीने के बच्चे की मौत हो गई। मासूम को सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। लापरवाही का आरोप लगाते हुए सोमवार की सुबह परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा किया। घटना बूंदी के देई अस्पताल की है।
जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के रहने वाले दिनेश ने अपने 6 महीने के बेटे बंटी को सांस लेने में दिक्कत होने पर देई अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद अस्पताल की बिजली गुल हो गई। जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई। इसी दौरान ऑक्सीजन सपोर्ट न मिलने से बंटी की मौत हो गई।
अस्पताल में बिजली गुल होने पर जेनरेटर चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसमें डीजल नहीं होने के कारण जेनरेटर चालू नहीं हो सका। इससे बच्चे को समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिला और उसकी सांसें थम गईं।
परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट मिल जाता तो शायद बच्चे की जान बच जाती, जबकि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण समय पर जनरेटर चालू नहीं हो सका। अस्पताल प्रशासन को आपातकालीन स्थिति में जनरेटर की व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए थी।
बच्चे की मौत से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार की सुबह अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों को निलंबित करने और स्टाफ को बदलने की मांग की है। हंगामे की सूचना मिलने पर सीएमएचओ ओपी समर, नैनवां बीसीएमओ एलपी नागर, उपथाना अधिकारी धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। सीएमएचओ ने कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिये हैं।