11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

रात्रिकालीन कोर्ट और केस ट्रांसफर के खिलाफ अधिवक्ताओं में रोष फूटा

अभिभाषक परिषद के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने रात्रिकालीन न्यायालय संचालन तथा विभिन्न न्यायिक कार्यों को बूंदी जिला सेशन न्यायालय से हटाने के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार को अदालत परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान न्यायिक कार्य बंद रहा।

2 min read
Google source verification
रात्रिकालीन कोर्ट और केस ट्रांसफर के खिलाफ अधिवक्ताओं में रोष फूटा

बूंदी. प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

बूंदी. अभिभाषक परिषद के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने रात्रिकालीन न्यायालय संचालन तथा विभिन्न न्यायिक कार्यों को बूंदी जिला सेशन न्यायालय से हटाने के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार को अदालत परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान न्यायिक कार्य बंद रहा। अभिभाषक परिषद अध्यक्ष नारायण ङ्क्षसह गौड़ व सचिव पंकज दाधीच की अगुवाई में वकीलों ने अपनी मांगो का ज्ञापन राजस्थान उच्च न्यायालय के नाम जिला एवं सत्र न्यायाधीश
को दिया।

प्रवक्ता ओराक नैय्यर ने बताया कि अभिभाषक परिषद के बाहर सभी अधिवक्ता एकत्रित हुए। इसके बाद रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए जिला सेशन न्यायालय परिसर तक मार्च किया और न्यायालय के बाहर प्रांगण में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। इस दौरान ज्ञापन पढ़ा गया। अधिवक्ताओं ने रात्रिकालीन न्यायालय संचालन का विरोध किया। ज्ञापन में फैमिली कोर्ट, एमएसीटी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) कोर्ट, एनडीपीएस कोर्ट सहित लाखेरी एवं इंद्रगढ़ न्यायालयों के न्यायिक कार्यों को बूंदी जिला सेशन न्यायालय से हटाने के निर्णय पर भी कड़ा एतराज जताया गया।

अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह के निर्णयों से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होगी। संघर्ष समिति का गठन किया। इस समिति में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पारीक, नवेद केसर, योगेश जोशी, शिफाउल हक सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया। जिन्हें आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उपाध्यक्ष अनीस मोहम्मद, सह-सचिव किशन वर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष कृष्ण मुरारी दाधीच, कोषाध्यक्ष संजय शर्मा, सदस्य एजाज रि•ावी, अंकित शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

इंद्रगढ़ का अपीलीय न्यायालय क्षेत्र नैनवां किए जाने की मांग
नैनवां.
अभिभाषक परिषद के तत्वावधान में नैनवां के वकीलों ने इंद्रगढ़ न्यायालय का अपीलीय न्यायालय क्षेत्र नैनवां एडीजे कोर्ट को रखे जाने सहित अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश को दिया। वकीलों ने सभी प्रकार के न्यायिक कार्य स्थगित रखा।

ज्ञापन में लिखा कि नैनवां में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संचालित है। इसलिए इंद्रगढ़ न्यायालय का अपीलीय न्यायालय क्षेत्र नैनवां एडीजे. कोर्ट के क्षेत्राधिकार में दिया जाना न्यायसंगत है। नैनवां से इंद्रगढ़ की दूरी मात्र 35 किलोमीटर है। भौगोलिक ²ष्टि से भी इंद्रगढ़ नैनवां से लगा हुआ है। आवागमन की प्रयाप्त सुविधाएं है। नैनवां में न्यायिक अभिरक्षा केन्द्र भी है। जबकि केशवरायपाटन में न्यायिक अभिरक्षा केन्द नहीं है। जिला कारागृह केन्द्र की दूरी 110 किलो मीटर है, जिससे आम जन को आने जाने में भी परेशानी होती है। बूंदी से इंद्रगढ़ की दूरी 80 किलो मीटर है। इंद्रगढ़ से केशवरायपाटन की दूरी 70 किलोमीटर है। साथ ही रात्री कालीन अदालतें संचालित करने का आदेश वापस लिए जाने व शनिवार को कार्य दिवस घोषित किया जाने आदेश भी वापस लिया जावे।

सभी मांगों को लेकर अभिभाषक परिषद नैनवां के आव्हान पर नैनवां के वकीलों ने शुक्रवार को सभी प्रकार के न्यायिक कार्य स्थगित रखे गए। ज्ञापन देने वालो में अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र ङ्क्षसह सोलंकी, सचिव सूरज गुर्जर, कोषाध्यक्ष राधेश्याम मीणा, उपाध्यक्ष रुकमणी मीणा, सहसचिव भास्कर शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष धनराज नागर, कार्यकारिणी सदस्य दिनेश कुमार पांडे सहित अनेक वकील शामिल थे