
राजकीय महाविद्यालय बूंदी
बूंदी. सब कुछ सही रहा तो आने वाले समय में प्रदेश के 48 सरकारी कॉलेजों में आने वाले भारी भरकम बिलों से राहत मिलेगी। सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए खुद के भवन में संचालित हो रहे राजकीय महाविद्यालयों में सरकार की ओर से रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाए जाएंगे। जिलेवार प्रदेश में 48 नोडल कॉलेज बनाए गए हैं, जिनके निर्देशन में जिले के सभी कॉलेजों में रूफटॉप लगवाने का कार्य कराया जाएगा। बूंदी जिले में शहर के राजकीय महाविद्यालय को नोडल कॉलेज बनाया गया है। इस संबंध में आयुक्तालय कॉलेज संयुक्त निदेशक (आयोजना) डॉ. विजेंद्र कुमार शर्मा ने आदेश जारी कर संबंधित कॉलेजों से सूची मांगी है।
आयुक्तालय कॉलेज द्वारा आदेश मिलने के बाद राजकीय महाविद्यालय को सूचना भेज दी है। राज्य सरकार की परिवर्तित बजट घोषण 2024-25 में समस्त राजकीय भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की घोषणा की थी, जिसकी क्रियान्वयन को लेकर राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड को इस प्रोजेक्ट के लिए अधिकृत किया गया है। प्रत्येक जिले में इस कार्य की मॉनिटरिंग के लिए नोडल कॉलेज प्राचार्य करेंगे।
कॉलेज में मिलेगी राहत
राजकीय महाविद्यालय में सोलर प्लांट लगने से बिजली के बिल में भी कमी आएगी। महाविद्यालय में गर्मी व सर्दी के बिलों में भारी अंतर रहता है। ऐसे में सोलर प्लांट लगने से भारी भरकम बिलों से महाविद्यालय को राहत मिलेगी। सहायक अभियंता शशिकांत जांगिड़ ने बताया कि संस्थानों में सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने चाहिए। सोलर प्लांट लगने से बिजली के बिलों में कमी आती है। एक किलो वाट का सोलर प्लांट एक दिन में कम से कम चार यूनिट बनाता है जिससे एक माह में 120 यूनिट बनती है। सभी उपभोक्ता पर्यावरण की शुद्धता और बिजली बचत को बढ़ाने के लिए सोलर प्लांट लगाना चाहिए।
नोडल कॉलेज से मांगी जानकारी
कॉलेज शिक्षा निदेशालय के संयुक्त सचिव ने प्रदेश में रूफटॉप सौर पैनल लगाने के लिए 48 कॉलेज को नोडल बनाया गया है। नोडल कॉलेज को जिले के अन्य सरकारी कॉलेजों की जानकारी आयुक्तालय को भेजनी है। इसमें महाविद्यालय का नाम, स्वीकृत विद्युत भार तथा कुल भार क्षमता समेत अन्य जानकारी शामिल है। हालांकि स्थानीय कॉलेज ने इस संबंध में आयुक्तालय को सूचना भिजवा दी गई।
हाड़ौती के ये कॉलेज शामिल
इस योजना में हाड़ौती के चार सरकारी कॉलेज नोडल केंद्र बनाए गए है। इनमें राजकीय महाविद्यालय बारां, राजकीय महाविद्यालय बूंदी, राजकीय महाविद्यालय झालावाड़ व राजकीय महाविद्यालय कोटा शामिल है।
एक्सपर्ट व्यू
महाविद्यालय में लगभग 8000 वर्ग फीट छत उपलब्ध है इसकी उपयोगिता सोलर पावर प्लांट लगाने से अत्यधिक बढ़ जाएगी तथा नेक की दृष्टि से भी महाविद्यालय सशक्त एवं ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा। भविष्य की महती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सोलर पावर प्लांट से न केवल महाविद्यालय की आवश्यकता पूरी होगी,बल्कि शीतकाल में कम उपभोग के समय महाविद्यालय के सोलर प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली विद्युत विभाग को भी प्राप्त होगी। जिससे बूंदी विद्युत विभाग को संबल मिलेगा।
यदि महाविद्यालय की छत पर 100 किलो वाट का सोलर प्लांट लगाया जाता है तो इससे न केवल महाविद्यालय की ही आवश्यकता पूरी होगी,बल्कि बूंदी विद्युत विभाग की बिजली उत्पादन में भी वृद्धि होगी। जिससे वितरण व्यवस्था में सुधार हो सकेगा। महाविद्यालय में विद्युत खर्चे में लगभग शून्यता आ जाएगी। जिससे छात्र निधि से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग महाविद्यालय की अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में हो सकेगा। जिससे महाविद्यालय को आर्थिक संबल मिलेगा।
डॉ.एन. के. जैतवाल, सेवानिवृत प्राचार्य एवं भूगोलवेत्ता,बूंदी
आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान द्वारा बूंदी जिले के ऐसे राजकीय महाविद्यालय जिनके स्वयं के भवन हैं। उनमें रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के संबंध में आवश्यक सूचनाएं चाही गई थी, जो कि भिजवा दी गई है। आगे जो भी आदेश आएगा उसी के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें नोडल राजकीय महाविद्यालय को नोडल कॉलेज बनाया गया है।
डॉ.अनिता यादव, प्राचार्य, नोडल केंद्र राजकीय महाविद्यालय बूंदी
Published on:
22 Oct 2024 07:28 pm

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