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तापमान गिरने के साथ बढ़ा सर्दी का सितम, अलाव बना सहारा

कोहरे ने छोटीकाशी बूंदी सहित आसपास के गांवों को अपने आगोश में लिया। सुबह से छाया कोहरा दोपहर बाद तक भी पहाडिय़ों पर छाया रहा। हाइवे पर सुबह के समय कोहरा घना होने से दुपहिया व चौपहिया वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।

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तापमान गिरने के साथ बढ़ा सर्दी का सितम, अलाव बना सहारा

नैनवां. शहर में शाम को अलाव तापते लोग

बूंदी. कोहरे ने छोटीकाशी बूंदी सहित आसपास के गांवों को अपने आगोश में लिया। सुबह से छाया कोहरा दोपहर बाद तक भी पहाडिय़ों पर छाया रहा। हाइवे पर सुबह के समय कोहरा घना होने से दुपहिया व चौपहिया वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। हेड लाइट जलाकर वाहन रेंगते नजर आए। लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन करते रहे।

अधिकतम तापमान 20 व न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नए साल पर बारिश के साथ सर्दी अपना अब तेवर दिखाने लग गई। यहां सुबह तेज सर्दी के साथ कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। जो दिन बढऩे के साथ ही बढ़ता गया। कोहरे के कारण सर्दी का असर भी बढ़ा है। जिससे हाथ पैरों में ठिठुरन बनी रही। हालांकि दोपहर बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए और थोड़ी राहत महसूस की गई। आमजन अलाव जलाकर गलन से बचाव करते नजर आए।

कापरेन. मौसम में हुए बदलाव और मावठ के बाद गलन बढऩे से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कड़ाके की ठंड के चलते लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे रहे और दिन में भी अलाव जला कर ठंड से बचते रहे। ठंड का असर बाजार में भी देखने को मिला और चहल पहल कम रही। किसानों का कहना है कि कड़ाके की ठंड से सर्दी बढ़ गई है और फसलों को लाभ मिलेगा।

नैनवां. सर्दी ने अपना सितम दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर बाद धूप निकलने पर लोगों ने राहत महसूस की। रात को छाया कोहरा दोपहर तक जारी रहा। ठंड से बचने के लिए लोग दिन में भी अलाव तापना पड़ गया। शाम होते ही फिर ठंड बढ़ गई।

देई. कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में शनिवार सुबह कोहरा छाया और ओस की बूंदे जमी रही। दोपहर बाद सूर्यदेव निकलने पर लोगों को सर्दी से राहत मिली। दिनभर गलन रही, जिससे लोगों को सर्दी का अहसास हुआ। लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव जलाया और गर्म कपडों में लिपटे रहे।