
हिण्डोली. इंद्र सिंह जोधा द्वारा बनाया गया सरस्वती का मंदिर व विद्यालय में करवाया सौंदर्यकरण।
बूंदी. तालेड़ा. सरकारी विद्यालय भवन बजट के अभाव में सुविधाओं से जुझते रहते हैं, लेकिन जिले का एक सीनियर सेकंडरी विद्यालय ऐसा है जहां पर 91 वर्षीय एक भामाशाह द्वारा लाखों रुपए खर्च कर स्कूल का विकास कार्य करवाकर विद्यालय को निजी स्कूल से भी शानदार करके दिखाया। भामाशाह इंद्र सिंह जोधा पूर्व सैनिक 91 वर्षीय है, जो वर्ष 1973 में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो गए थे। जोधा कड़ाके की सर्दी में भी सुबह नौ बजे विद्यालय में पहुंचकर शाम पांच बजे तक श्रमिकों के साथ काम करते रहते हैं।
जिले के तालेड़ा पंचायत समिति के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बल्लोप के भामाशाह इंद्र सिंह जोधा में ऐसी ललक हैं कि उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को गोद लेकर वहां पर लाखों रुपए की राशि खर्च कर विद्यालय का नक्शा ही बदल दिया है। यह विद्यालय जिले में सौंदर्यकरण की मिसाल बना हुआ है। उन्होंने अभावग्रस्त विद्यालय में फर्नीचर की व्यवस्था करवाई।
उसके बाद विद्यालय परिसर में सरस्वती मां का मंदिर का निर्माण करवाया। विद्यालय में बालकों को खेलने के लिए झूले व फिसलपट्टी लगवाई, जिसमें छोटे बच्चे आंनद लेते हैं। विद्यालय परिसर की उबड खाबड़ भूमि को समतल करवाया, साइकिल स्टैंड का निर्माण करवाया, बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय का निर्माण, टीन शेड करवाया, विद्यालय में काफी संख्या में गमले सहित पौधे लगाकर विद्यालय का सौंदर्यकरण करवाया। कक्षा कक्ष के पीछे अनुपयोगी पड़ी भूमि में सीसी करवा कर ठीक करवाया।
यह भी करवाए कार्य
बल्लोप के पुराने विद्यालय में एक कमरा, मुख्य दरवाजा, अलमारी की व्यवस्था करवाई। नई स्कूल के पीछे की चार दीवारी को ऊंचा करवाया। छत पर लगे पानी की टंकी के ऊपर टीन शेड निर्माण व टंकी पर जाने के लिए सीढ़ियों का निर्माण, छत पर जाने के लिए स्टील रेलिंग, सरस्वती मंदिर का निर्माण और फर्नीचर दिया गया। इसके अलावा मुक्तिधाम में टीन शेड का निर्माण करवाया।
इनका कहना है
भामाशाह इन्द्र सिंह जोधा ने विद्यालय का सौंदर्यकरण कर जिले में अलग पहचान दी है। उन्होंने विद्यालय के विकास में लाखों रुपए खर्च किए।
रजनी सैनी, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बल्लोप
व्यक्ति इस संसार में खाली हाथ आता है, लेकिन वह अपने कर्मों से ही अपने अगले जन्म के लिए एफडी करता है। और यही कर्म उसके अगले जन्म में काम आते हैं। सभी को अच्छे कर्म करके अपने अगले जन्म के लिए एफडी करवानी चाहिए। उनके द्वारा रचित पुस्तक विवेक वाणी में यह सबको संयमित जीवन जीने की प्रेरणा दी है।
इन्द्र सिंह जोधा, भामाशाह
Updated on:
15 Jan 2026 06:32 pm
Published on:
15 Jan 2026 06:31 pm
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