
बूंदी के गढ़पैलेस में होगा यह शाही आयोजन, यों चल रही अनूठी तैयारियां, पढ़ें...
बूंदी. पर्यटन नगरी बूंदी के राजमहल में एक बार फिर से शाही आयोजन देखने को मिलेगा। इसकी यहां गढ़पैलेस और मोती महल में तैयारियां भी शुरू हो गई। अवसर होगा बूंदी की पूर्व रियासत की पाग दस्तूर का। यहां 2 अप्रेल को नवल सागर झील किनारे स्थित मोती महल में सुबह दस बजे आयोजन शुरू होगा।
कापरेन के पूर्व ठिकाने के सदस्य कुंवर वंशवर्धन ङ्क्षसह को बूंदी की पूर्व रियासत की पाग बांधी जाएंगी। इस दौरान कोटा पूर्व राजपरिवार के सदस्य इज्यराज ङ्क्षसह, बूंदी के भानेज कांग्रेस नेता भंवर जितेन्द्र ङ्क्षसह मौजूद रहेंगे। तिलक दस्तूर का समस्त आयोजन पूर्व राजपरिवार के मोती महल परिसर में राजपरम्परा के अनुरूप होगा। यहां तिलक दस्तूर की तैयारियां शुरू हो गई। आयोजन को लेकर कई पूर्व रियासत और पूर्व ठिकानों के सदस्यों को आमंत्रित किया है। इसके बाद कुंवर वंधवर्धन ङ्क्षसह गढ़पैलेस स्थित रतनदौलत के दरीखाना में आमजन से मिलेंगे। यहां नजर दस्तूर का कार्यक्रम होगा। इसके बाद गढ़ की पड़स से हाथी पर शहर में सवारी निकाली जाएगी। जो प्रमुख मार्गों से होते हुए पुलिस लाइन रोड स्थित केसरी दौलत पहुंचेंगे, यहां नजराना -न्यौछावर का दस्तूर होगा।
ड्रेस कोड में प्रवेश
तिलक दस्तूर के कार्यक्रम में पुरुषों को सफेद कपड़े और सिर पर केसरिया पगड़ी बंधी होने पर ही प्रवेश की अनुमति रहेगी। यहां मोती महल में प्रवेश के लिए सुरंग दरवाजे के निकट से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी।
शहर में होगी सजावट
बूंदी की पूर्व रियासत का इतिहास में नाम रहा। तिलक दस्तूर के
आयोजन को भव्यता देने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों में सजावट की जाएगी। साथ ही जुलूस में राजसी वैभव की झलक भी दिखाई देगी।
वंशवर्धन इसलिए बने वारिस
बूंदी की पूर्व रियासत के अंतिम सदस्य रणजीत ङ्क्षसह का वर्ष 2010 में देवलोक गमन हो गया था। ङ्क्षसह को कोई औलाद नहीं होने से पाग पर कोई फैसला नहीं हुआ था। बूंदी के अंतिम शासक कर्नल बहादुर सिंह रहे। इनके छोटे भाई कापरेन के पूर्व ठिकानेदार केसरी सिंह थे। वंशवर्धन सिंह केसरी सिंह के पौत्र हैं। अंतिम सदस्य रणजीत सिंह कर्नल बहादुर सिंह के बेटे थे। भंवर जितेन्द्र सिंह रणजीत सिंह की बहन महेन्द्रा कुमारी के बेटे हैं। कर्नल बहादुर सिंह को भी 90 वर्ष पहले कापरेन ठिकाने से गोद लिया गया था। ब्लड रिलेशन होने से वंशवर्धन सिंह को वारिस
माना है।
Published on:
31 Mar 2022 06:05 pm
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