
उच्च शिक्षा के लिए रोज लगा रहे 76 किलोमीटर की दौड़
निजी महाविद्यालयों में पढ़ाई की मजबूरी, छात्राएं नहीं कर पाती पूरी पढ़ाई
बूंदी. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बूंदी जिले की केशवरायपाटन विधानसभा मेंं एक भी सरकारी महाविद्यालय नहीं खोला गया। लंबे समय से चली आ रही सरकारी महाविद्यालय खोलने की मांग पूरी नहीं हो रही। विधानसभा के इंद्रगढ़ और लाखेरी बड़े कस्बों सहित विधानसभा मुख्यालय केशवरायपाटन के विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद दूसरे शहरों में जाने को मजबूर हो रहे। विधानसभा क्षेत्र में 12वीं तक के सरकारी 70 एवं 28 निजी विद्यालय हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंद्रगढ़ कस्बे से जिला मुख्यालय बूंदी की दूरी 76 और कोटा की दूरी 85 किलोमीटर है। इस दायरे में एक भी सरकारी महाविद्यालय नहीं। ऐसे में यहां के छात्र-छात्राएं 12वीं के बाद कैसे उच्च शिक्षा प्राप्त करें। इस सवाल का हल कोई नहीं निकाल पा रहा। केशवरायपाटन विधानसभा ने कई बार सत्ता दल का विधायक दिया, लेकिन महाविद्यालय की मांग पूरी नहीं की गई। हाल ही राज्य सरकार ने नैनवां के भगवान आदिनाथ जयराज मारवाड़ा महाविद्यालय को सरकारी किए जाने के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की, लेकिन केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र को फिर से छोड़ दिया गया, जिसकी यहां लोगों मेंं टीस रही।
वादे पर खरी नहीं सरकार
वर्तमान राज्य सरकार ने प्रत्येक उपखंड मुख्यालय पर सरकारी महाविद्यालय खोलने का वादा किया था। इस अनुसार केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र में दो उपखंड होने से दो महाविद्यालय खुलने चाहिए। जब एक भी नहीं खोला गया तो क्षेत्रीय विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने इस मुद्दे को विधानसभा में रखा। हालांकि इस मांग पर सरकार ने फिलहाल अधिक गौर नहीं किया।
मात्र जिला मुख्यालय पर सरकारी कॉलेज
सबसे पुराना जिला होने के बाद भी अब तक मात्र जिला मुख्यालय पर ही सरकारी कॉलेज खुले। लाखेरी और इंद्रगढ़ से जिला मुख्यालय की दूरी कई किमी होने से यहां के छात्र-छात्राएं बूंदी नहीं पहुंच पाते। आस-पास के दूसरे जिलों में ही सरकारी कॉलेज मेंं जाना पड़ रहा।
हर मंच पर उठाई मांग
लाखेरी और इंद्रगढ़ में सरकारी महाविद्यालय खोलने की मांग यहां के लोग हर मंच पर उठा चुके। भाजपा सरकार में मंत्री रहे बाबूलाल वर्मा के समक्ष यह मांग कई बार रखी। कांग्रेस नेताओं को भी इस मांग को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने अवगत कराया, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई।
सरकार सरकारी महाविद्यालय खोले। यहां के बच्चे 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों मेंं जाने को मजबूर हो रहे। सरकार इस मांग पर इसी वर्ष गौर करें।
विजय बहादुर सिंह, मनोनीत पार्षद, कापरेन
लाखेरी व केशवरायपाटन में सरकारी कॉलेज खुले। बच्चे सैकड़ों किमोमीटर दूर जाने को मजबूर है। विधानसभा सत्र में यह मुद्दा उठाया था। फिर से सरकार के सामने यह मांग रखेंगे। सरकार निर्धारित मापदंड के अनुसार विधानसभा क्षेत्र में दो सरकारी महाविद्यालय खोले।
चंद्रकांता मेघवाल, विधायक, केशवरायपाटन
Published on:
05 Aug 2020 12:24 pm

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