नैनवां. 80 लाख की लागत से भवन तो बना दिया। लेकिन प्राइमरी सेक्शन शुरू करने की अनुमति नही मिल पाने से भवन दो वर्ष से काम नहीं आने से धूल खा रहा है। मॉडल विद्यालय परिसर में दस कक्षों के भवन के बाहर व कक्षा कक्षों के ताले लगे पड़े है।
सरकार योजनाएं बनाकर उनको आकार देने पर बड़ी राशि तो खर्च कर देती है। लेकिन उनकी क्रियान्विति कराना भूल जाती है। यह भी इसी प्रकार का मामला है। नैनवां के राजकीय स्वामी विवेकानन्द मॉडल विद्यालय में कक्षा एक से 5 तक कि कक्षाओं के लिए प्राइमरी सेक्शन शुरू करने के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने भवन का निर्माण करवाया था। नैनवां में अभी मॉडल विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम की कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं संचालित हो रही है। स्कूल शिक्षा परिषद ने नौनिहालों की अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की नींव मजबूत करने के लिए अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के लिए मॉडल विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं शुरू करने की योजना के तहत विद्यालय में 80 लाख रुपए की लागत से भवन का निर्माण करवा तो दिया, लेकिन प्राइमरी सेक्शन शुरू करने की अनुमति जारी नहीं की गई।
उपकरण भी धूल खा रहे
भवन में कक्षा एक से पांच के संचालन के लिए आठ कक्षा कक्षों व दो प्रभारी कक्षों का निर्माण हो रहा है। नौनिहालों की पढ़ाई व खेलने के उपकरण भी उपलब्ध करा रखे हैं। प्राइमरी सेक्शन शुरू नही हो पाने से कमरों में पड़े उपकरण भी धूल खा रहे हैं।
मॉडल विद्यालय के प्रधानाचार्य रामपाल मीणा का कहना है कि मॉडल विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम के प्राइमरी सेक्शन शुरू करने की योजना के तहत मॉडल विद्यालय भवन परिसर 80 लाख रुपए का भवन तैयार हो गया था। भवन तैयार होने के साथ ही प्राइमरी सेक्शन के संचालन के प्रस्ताव भेज दिए थे। स्कूल शिक्षा परिषद से अनुमति नही मिल पाने से भवन का उपयोग नही हो पा रहा।