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कभी गांव की प्यास बुझाने वाला कुआं बना कचरा पात्र

रायथल पंचायत के जखाणा गांव में गांव के बीचोबीच स्थित सरकारी कुआं निर्माणकाल से ही खुला पड़ा है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jan 03, 2021

कभी गांव की प्यास बुझाने वाला कुआं बना कचरा पात्र

कभी गांव की प्यास बुझाने वाला कुआं बना कचरा पात्र

कभी गांव की प्यास बुझाने वाला कुआं बना कचरा पात्र
खुली मुडेर वाला कुआं दुर्घटना को देता निमंत्रण
केशवरायपाटन. रायथल पंचायत के जखाणा गांव में गांव के बीचोबीच स्थित सरकारी कुआं निर्माणकाल से ही खुला पड़ा है। पंचायत का ध्यान नहीं गया। जिला प्रशासन भी गंभीर नहीं है। कुआं पूरी तरह से खुला होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण हरिमोहन चितौड़ा ने बताया कि वर्ष 1955-56 में राजस्थान सरकार एवं जल बोर्ड ओर से गांव में पेयजल स्रोत के रूप में इस कुएं का निर्माण करवाया था। यह कुआं निर्माण के समय से ही से खुला पड़ा है। कुएं के पास से होकर गांव का आम रास्ता है। कुएं की मुंडेर महज डेढ़ से दो फीट ऊंची है। कुआं गांव में मीठे पानी का एकमात्र पेयजल स्रोत था। पूरा गांव इसी से पीने का पानी भरता था। अब पेयजल के लिए हैण्डपम्प व अन्य स्रोत विकसित होने से कुएं की उपयोगिता घट गई तथा संरक्षण एवं देखरेख के अभाव में कूड़ा करकट भरा पड़ा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से कुएं का ढकान करने तथा संरक्षित एवं पुर्नजीवित करने की मांग की है।