
देईखेड़ा में स्थित खेत जिसमे गेंहू बोया था
बूंदी. लबान. क्षेत्र में पटवारियों की लापरवाही के चलते किसानों को परेशान होना पड़ रहा है क्षेत्र में दर्जनों किसानों ने खेतो में बोया तो गेहूं था, लेकिन पटवारियों ने राजस्व रिकॉर्ड की ऑनलाइन गिरदावरी ने खेतो को या तो पड़त (खाली) अंकित कर दिया है या अन्य फसल अपलोड कर दी, जिसके चलते किसानों अब सरकारी खरीद केंद्र पर सर्मथन मूल्य पर अपनी उपज बेचने में परेशानी आ रही है।
देईखेड़ा के किसान प्रह्लाद मीणा, जयकिशन, सीताराम मीणा आदि किसानों ने बताया कि बाजार में गेहूं का प्रति किवंटल मूल्य व एमएसपी समर्थन मूल्य में करीब चार सौ से पांच सौ रुपए का अंतर है, यदि गिरदावरी को दुरस्त नहीं किया गया तो किसानों को लाख का नुकसान भुगतना पड़ेगा, वहीं गिरदावरी को दुरस्त करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे। क्योंकि अगर गिरदावरी में फसल का इंद्राज दुरस्त नहीं हुआ तो वह अपनी फसल को सरकारी खरीद केंद्र पर नहीं बेच पाएंगे। ऐसे किसान खेतों में अपनी फसल का निस्तारण करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है, वहीं मामले से विधायक को भी अवगत करवाया है।
दर्जनों किसानों की हुई है गलत गिरदावरी
चक मालिक पूरा में प्रह्लाद मीणा ने 18 बीघा में गेहूं की जगह चने तो देईखेड़ा के जय किशन मीणा के 11 बीघा में गेहुं बोया था, लेकिन गिरदावरी में पड़त, सीताराम मीणा के 9 बीघा में भी पड़त, सूरजमल की 13 बीघा में भी गेहूं की जगह पड़त यानी बिना बुआई का खेत दर्शाया हुआ है। ऐसे ही खेडिय़ा और लबान आदि पटवार क्षेत्र में दर्जनों किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी को भी नुकसान
जानकारों ने बताया कि गिरदावरी में खेतों को बिना बुआई के पड़त दर्शाने से सरकारी को पिलाई लगान कर्ता आदि कर की वसूली भी शून्य करनी पड़ेगी, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होगा। इसी कारण से अब प्रशासन अपने कार्मिकों की लापरवाही को ढकने के लिये आनन फानन में गिरदावरी के दुरुस्तीकरण में जुट गया है, इधर किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गिरदावरी में फसल के इंद्राज दुरुस्ती के लिए निर्देश मिल गए है। किसान सम्बंधित पटवारी सम्पर्क कर अपनी गिरदावरी को दुरस्त करवा सकते है।
जगदीश शर्मा, नायब तहसीलदार लाखेरी
Published on:
04 Apr 2026 11:44 am
बड़ी खबरें
View Allबूंदी
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
