3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रशासन की नाक के नीचे कालाबाजारी,ओवररेट में बिक रहा पव्वा

कस्बे एवं ग्रामीण अंचल में अवैध शराब की दुकानें संचालित हो रही है। प्रशासन की नाक के नीचे विक्रेता जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार मार्च माह में लॉकडाउन के बाद बची शराब

less than 1 minute read
Google source verification
नाक के नीचे कालाबाजारी,ओवररेट में बिक रहा पव्वा

नाक के नीचे कालाबाजारी,ओवररेट में बिक रहा पव्वा

लाखेरी. कस्बे एवं ग्रामीण अंचल में अवैध शराब की दुकानें संचालित हो रही है। प्रशासन की नाक के नीचे विक्रेता जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार मार्च माह में लॉकडाउन के बाद बची शराब को विक्रेताओं एवं अवैध शराब बेचने वालों ने अधिक दामोंं पर बेचा। उस समय देशी मदिरा का पव्वा 250-500 रुपए में बिक रहा था। मई माह में सरकार द्वारा मदिरा की दुकानें खोलने के बाद भी कालाबाजारी कर प्रिंट व निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है। जानकारी के अनुसार कस्बे में अंगे्रजी मदिरा की आईबी की 531 रुपए प्रिंट मूल्य की बोतल 650 रुपए में, बीयर की 150 रुपए प्रिंट मूल्य की बोतल 175-200 रुपए में, देशी शराब के नीले ढक्कन का 55-60 रुपए में बिकने वाला पव्वा 70-100 रुपए में बेची जा रही है। ग्रामीण अंचल में अवैध शराब की दुकानें चल रही है। इस संबंध में लाखेरी थाने के प्रभारी नेमीचंद से बात की तो उन्होंने कहा कि शराब की बोतल कितने में आती है और कितने में बिक रही है, इसकी हमें जानकारी नहीं है। यही स्थिति पूरे केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र में बनी हुई है। इस संबंध में आबकारी निरीक्षक एसपी राणा ने बताया कि शिकायत मिलने पर अवैध दुकान संचालन करने व ओवररेट लेने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। लाखेरी थानाधिकारी सुरेश कुमार गुर्जर ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

Story Loader