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कल्पसूत्र वाचन की हुई शुरुआत

जैन मूर्ति पूजक श्वेताम्बर संघ की ओर से जारी पर्युषण पर्व के रविवार को भी धार्मिक क्रियाएं जारी रही। पर्व के तीसरे दिन स्नात्र पूजा के बाद पुस्तक व कल्पसूत्र जी का जुलूस निकाला गया।

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बूंदी

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pankaj joshi

Sep 06, 2021

कल्पसूत्र वाचन की हुई शुरुआत

कल्पसूत्र वाचन की हुई शुरुआत

कल्पसूत्र वाचन की हुई शुरुआत
पुस्तक व कल्पसूत्रजी का निकाला गया जुलूस
बूंदी. जैन मूर्ति पूजक श्वेताम्बर संघ की ओर से जारी पर्युषण पर्व के रविवार को भी धार्मिक क्रियाएं जारी रही। पर्व के तीसरे दिन स्नात्र पूजा के बाद पुस्तक व कल्पसूत्र जी का जुलूस निकाला गया। जिसमें समाज के महिला-पुरुष, बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। महिलाओं ने ढोल के साथ नाचते गाते दादाबाड़ी में कल्पसूत्र जी को बधाया एवं पांच ज्ञान की पूजा की गई। पहला ज्ञानमति ज्ञान का लाभ विमल भंडारी, दूसरा श्रुति ज्ञान भीम छाजेड़, तीसरा अवधि ज्ञान का लाभ अंकित भंडारी, चौथा मनपर्यव का ज्ञान लाभ प्रताप छाजेड़ एवं अंतिम केवल ज्ञान का लाभ प्रेम भंडारी परिवार ने लिया। उसके बाद कल्प सूत्र जी का वाचन शुरू हुआ। जिसमें तीर्थंकर के जीवन चरित्र का वर्णन किया। दृष्टांत के माध्यम से साधु-साध्वी भगवंतों की कार्य विधि के बारे में समझाया गया। नवकार मंत्र की महिमा के बारे में जानकारी दी गई। पर्युषण संयोजक सौरव भंडारी एवं समाज के आदित्य भंडारी ने बताया कि इसी के साथ संघ में चल रही तपस्या में अशोक भंडारी का तीसरा उपवास सम्पन्न हुआ।
अक्षय निधि तप, मोक्ष तप, उपवास, एकासना आदि तपस्या चल रही है। रात्रि भक्ति के साथ बच्चों के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जिसमें अरिहंत प्रतियोगिता कराई गई। इसमें जीनिशा जैन प्रथम, नव्या भंडारी द्वितीय व प्रणय छाजेड़ तृतीय स्थान पर रहे।

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