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युवा मतदाता बनेंगे भाग्य विधाता, महिला मतदाता भी कम नहीं

लोकसभा चुनाव में जहां राजनैतिक पार्टियों के लिए युवा मतदाता भाग्य विधाता माने जा रहे है, वहीं गृहलक्ष्मी कहे जाने वाली महिला मतदाता भी किसी से कम नहीं है। महिला और पुरुषों के वोट में अब ज्यादा अंतर नहीं रह गया है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Apr 11, 2024

युवा मतदाता बनेंगे भाग्य विधाता, महिला मतदाता भी कम नहीं

युवा मतदाता बनेंगे भाग्य विधाता, महिला मतदाता भी कम नहीं

युवा मतदाता बनेंगे भाग्य विधाता, महिला मतदाता भी कम नहीं
बूंदी. लोकसभा चुनाव में जहां राजनैतिक पार्टियों के लिए युवा मतदाता भाग्य विधाता माने जा रहे है, वहीं गृहलक्ष्मी कहे जाने वाली महिला मतदाता भी किसी से कम नहीं है। महिला और पुरुषों के वोट में अब ज्यादा अंतर नहीं रह गया है।

जिले की तीनों विधानसभा सीट में महिला और पुरुष मतदाताओं के मामले में चौकाने वाले आकड़े सामने आ रहे है। 18 से 49 वर्ष आयु वर्ग में जहां पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से ज्यादा है तो वहीं इससे आगे के आयु वर्ग में महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है।

जबकि शतायु पार मतदाताओं में महिलाएं तीन गुणा ज्यादा है। आयु वर्ग की संख्या जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे महिला मतदाताओं की संख्या भी पुरुष मतदाताओं के मुकाबले कहीं ज्यादा सामने आ रही हैं। इस बार कोटा-बूंदी व भीलवाड़ा-हिंडोली संसदीय क्षेत्र के 8 लाख 69 हजार 329 मतदाता अपना सांसद चुनेंगे। इसमें पुरुष मतदाता जहां 4 लाख 48 हजार 219 है तो वहीं महिला मतदाता 4 लाख 21 हजार 108 है। गत लोकसभा चुनाव-2019 से इस बार मतदाता 60 हजार 614 बढ़े है।

बूंदी में ज्यादा हिंडोली में कम
जिले के तीनो विधानसभा की बात करें तो जहां बूंदी विधानसभा में सबसे ज्यादा 3 लाख 12 हजार 348 वोटर्स है तो वहीं सबसे कम हिंडोली विधानसभा में 2 लाख 76 हजार 261 मतदाता है। जबकि केशवरायपाटन विधानसभा में कुल मतदाता 2 लाख 80 हजार 720 है। जबकि 20 से 29 व 40 से 49 आयु वर्ग में दो थर्ड जेंडर मतदाता भी शामिल है।

महिलाओं पर अधिक फोकस
चुनाव को लेकर दोनों ही राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में जोडऩेे के प्रयास में है। ऐसे में महिला मतदाताओं की विशेष आयु वर्ग में अधिक संख्या को देखते हुए दोनों ही प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का फोकस महिला मतदाता वर्ग पर भी है। 18 से 59 आयु वर्ग में जहां पुरुष मतदाता अधिक है तो वहीं 60 से अधिक आयु वर्ग में महिला मतदाता का बोलबाला है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों अपने साथ महिला लीडर्स को आगे रखकर भी महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने में जुटी है।

100 से अधिक में महिला मतदाता तीन गुना अधिक
शतायु पार मतदाताओं की बात करे तो यहां महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले तीन गुना अधिक है। 100 से 120 आयु वर्ग में जहां महिला मतदाताओं की संख्या 215 है। वहीं पुरुष मात्र 76 ही है। सबसे ज्यादा हिंडोली विधानसभा क्षेत्र में ऐसी 86 महिला मतदाता है, जिनकी आयु 100 से 120 वर्ष के बीच है। वहीं पुरुषों की संख्या इस आयु वर्ग में 39 ही है।

यंग वोटर्स में पुरुष ज्यादा
तीनों विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यंग वोटर्स में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से अधिक है। राजनैतिक दल की पार्टियां जहां युवा मतदाता को रिझाने में लगे हुए तो वहीं महिला मतदाता को महंगाई कम करने सहित अनेक मुद्दों पर बात मनवा रहे है। 18 से 49 आयु वर्ग में युवा मतदाता जहां 3 लाख 3 हजार 831 है, वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 2 लाख 70 हजार 391 है।


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