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तालेड़ा पर स्थाई बस स्टेंड नहीं, कई घंटे तक रोडवेज बस के इंतजार में खड़े रहते है यात्री

तालेड़ा कस्बे में स्थाई बस स्टैंड नहीं होना यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। जहां पर उपखंड मुख्यालय सहित ब्लॉक के सभी विभागों के कार्यालय संचालित है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Mar 08, 2024

तालेड़ा पर स्थाई बस स्टेंड नहीं, कई घंटे तक रोडवेज बस के इंतजार में खड़े रहते है यात्री

तालेड़ा पर स्थाई बस स्टेंड नहीं, कई घंटे तक रोडवेज बस के इंतजार में खड़े रहते है यात्री

तालेड़ा पर स्थाई बस स्टेंड नहीं, कई घंटे तक रोडवेज बस के इंतजार में खड़े रहते है यात्री
तालेड़ा. तालेड़ा कस्बे में स्थाई बस स्टैंड नहीं होना यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। जहां पर उपखंड मुख्यालय सहित ब्लॉक के सभी विभागों के कार्यालय संचालित है।

इस समस्या के समाधान के लिए पिछले सालों से विभाग व प्रशासनिक अधिकारी स्तर पर पुख्ता प्रयास नहीं किए जा रहे है। अस्थाई बस स्टैंड होने से हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। कभी भी बस ठहराव के समय तेज गति से पीछे से आने वाले वाहन से दुर्घटना घटित हो सकती है। अस्थाई बस स्टैंड पर भी नियमित बसों का ठहराव सुनिश्चित नहीं है।

बस चालक यात्रियों को अस्थाई बस स्टैंड बायपास से भी नहीं बिठाते हैं। राजस्थान राज्य परिवहन निगम की बसों व निजी बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को तालेड़ा बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही उतारा जाता है। यात्रियों को उतरने चढ़ते समय राष्ट्रीय राजमार्ग-52 की मुख्य सड़क पर ही बसों रोका जाता है। जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से आने वाले भारी व हल्के वाहनों से दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है।

अस्थाई बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। यात्री कई समय तक बसों के इंतजार में सड़क के सहारे के खड़े रहते हैं। जहां पर छाया, पानी व बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। कर्मचारी अधिकारी, छात्र तथा कामकाज के लिए लोग आते जाते हैं। राजस्थान राज्य पथ परिवहन व निजी बसों की समुचित व्यवस्था नहीं किया जाना यात्रियों व कस्बे वासियों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है।

स्थाई बस स्टैंड बने तो यात्रियों को मिले सुविधाए
कस्बे वासियों के लिए मुख्यालय पर एक स्थाई बस स्टैंड नहीं बनाया जाना समस्या हो रही है। रोजाना छात्र-छात्राओं को बूंदी-कोटा शिक्षा के लिए जाना पड़ता है। जहां पर यात्रियों को उतरने चढ़ने तथा बस के इंतजार करने के स्थान पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था होना जरूरी है, लेकिन कस्बे के राजनीतिक को प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार का प्रयास नहीं किया जाता है।

ठहराव कराओं सुनिश्चित
कई सालों से अस्थाई बस स्टैंड के रूप में संचालित किया जा रहा है। लेकिन वहां भी ठहराव नहीं होता। राष्ट्रीय राजमार्ग से अलग सडक़ बनाकर बसों का सुरक्षित ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जहां पर पानी, छाया व प्रतिक्षालाएं बैठने की पर्याप्त सुख-सुविधाओं को उपलब्ध होना जरूरी है। उपखंड मुख्यालय पर बस स्टैंड का नहीं होना कस्बे के लिए विचारणीय समस्या है जिसका समाधान जरूरी है।