न्यायालय के आदेश पर 20 अतिक्रमण हटाए, विरोध करने पर दो जनों को पकड़ा-video
सुवासा. उच्च न्यायालय के आदेश पर केशवरायपाटन उपखंड के चितावा गांव में निकल रही मुख्य ड्रेन पर बने 6 मकान व 14 लोगों के द्वारा कर रखे अतिक्रमण को शुक्रवार को प्रशासन के द्वारा 10 घंटे की कार्रवाई के बाद अतिक्रमण को हटाया गया। एक किलोमीटर ड्रेन की खुदाई की गई। प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटाने पर विरोध कर रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। प्रशासन को महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा। वहीं पूर्व सरपंच पति के मकान को तोडऩे पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
जानकारी अनुसार 2 साल पहले बद्री लाल व घनश्याम के द्वारा मुख्य ड्रेन पर कई लोगों के द्वारा अतिक्रमण करने से खेतों के पानी का निकास नहीं हो रहा। यह मामला उच्च न्यायालय में चल रहा था। न्यायालय के आदेश के बाद शुक्रवार को प्रशासन केशवरायपाटन, कापरेन, रायथल पुलिस थाना बूंदी का जाप्ता, तीन पुलिस उपाधीक्षक सहित 80 पुलिस जवानों के साथ चितावा गांव में सुबह 5 बजे पहुंचा और पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। केशवरायपाटन व तालेड़ा मार्ग का आवागमन बंद कर दिया। लोगों को समझा कर अतिक्रमण हटाना शुरू किया। 6 मकान के आगे का हिस्सा जेसीबी मशीनों के द्वारा तोड़ा गया।
2.30 बजे अतिक्रमण दस्ता मोहनलाल मीणा के मकान पर पहुंचा, वहां पर उसके मकान के बाहर आरसीसी का बरामदा बना हुआ था। प्रशासन के द्वारा आरसीसी काटने का कटर मंगाकर तोडऩा शुरू किया तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। मोहनलाल मीणा व परिवार के सदस्यों संजू, सूरज, रोशन बाई ने प्रशासन से भेदभाव करने का आरोप लगा कर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने दो व्यक्तियों को पडकऱ थाने भेज दिया, बाद में महिलाओं से समझाइश कर मामला शांत किया। कार्रवाई में पांच जेसीबी व क्रेन काम ली गई। न्यायालय के आदेश के बाद चितावा गांव में 20 लोगों के अतिक्रमण हटाए गए है।