डाबी. रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम का पावन पर्व है। बहनें भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। वहीं भाई जीवनभर बहनों की रक्षा करने का वचन देते हैं। राखी के दिन भाई अपनी बहनों को कोई न कोई गिफ्ट भी जरूर देते हैं। लेकिन बरड़ क्षेत्र की एक बहन ने अपने भाई को राखी का जो गिफ्ट दिया है। यह गिफ्ट किसी जीवनदान से कम नहीं है। क्षेत्र की थड़ी निवासी में एक महिला ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी।
जिले की डाबी उपतहसील क्षेत्र के गांव बुधपुरा निवासी रामस्वरूप गुर्जर की पिछले 7-8 महीने से तबियत खराब थी। रामस्वरूप की किडनी में सूजन जैसी शिकायत थी। परिजन रामस्वरूप को लेकर कोटा, अहमदाबाद, उदयपुर व जयपुर के अस्पतालों में लेकर गए। यहां चिकित्सकों ने जांच करने के बाद किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी।
बड़े भाई सुखलाल गुर्जर ने बताया कि छोटे भाई के लिए किडनी डोनर की तलाश थी। डॉक्टर ने बताया कि परिवारजन ही किडनी डोनेट कर सकते हैं। माता-पिता वयोवृद्ध होने से उनकी किडनी डोनेट करवाना संभव नहीं था। हम तीन भाई और तीन बहिने हैं। जिनमें से दो भाइयों व दो बहनों का ब्लड ग्रुप मैच नहीं करने से किडनी डोनेट नहीं कर पाए। तीन बहनों में से बड़ी बहन थड़ी निवासी सुगना बाई गुर्जर (49) का ब्लड ग्रुप मैच हो गया। बड़ी बहन सुगना बाई ने जीवनरक्षक बनकर अपनी किडनी दान करने का नेक निर्णय लिया। सुगना बाई के साहसिक फैसले का परिजनों का पूर्ण समर्थन मिला।
रक्षाबंधन से पूर्व किडनी ट्रांसप्लांट जयपुर के महात्मा गाँधी अस्पताल में किया गया। अब रामस्वरूप की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। वहीं, अपने भाई को नई जिंदगी देकर सुगना बाई बेहद खुश है। दोनो भाई बहन स्वस्थ है। वही अस्पताल में डॉक्टर की देखरेख में है।