
बजट खपाने में जुटा विभाग,शिक्षकों को प्रशिक्षण में कर दिया व्यस्त
बूंदी.शिक्षा विभाग को शायद सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम और भविष्य की कोई ङ्क्षचता नहीं है। इसलिए जब परीक्षाएं सिर पर है तो लगातार शिक्षकों के प्रशिक्षण आयोजित कर विभाग बजट खपाने में जुट गया है।
शिक्षक-शिक्षिकाओं की गैर शैक्षणिक कार्यों,चुनावों में ड्यूटी के चलते अधिकांश विद्यालयों में पाठ्यक्रम पूरे नहीं हुए है। अब फरवरी माह में जब विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं को पाठ्यक्रम पूरा करवाने एवं बोर्ड परीक्षा की तैयारी का मौका मिला है तो फिर शिक्षा विभाग शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रशिक्षण में व्यस्त कर दिया है। जिले के 2 हजार 93 शिक्षकों का प्रशिक्षण होना है। इसके लिए एक संभागी को अनुमानित 500 रुपए मिलते है। कुल मिलाकर 10 लाख से ऊपर का बजट व्यय करना है। यह बूंदी जिले ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी होना है।
इधर,विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जयपुर से निर्देश है कि पूरे फरवरी माह में यह प्रशिक्षण पूरे करवाने है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि विभाग को सिर्फ बजट खत्म करना है। ना तो विद्यार्थियों के भविष्य से मतलब है ना बोर्ड परीक्षा परिणाम से। संगठन सरकार से मांग करता है कि प्रशिक्षण शिविर का एक वार्षिक कैलेंडर जारी हो उसी के अनुसार शिक्षक प्रशिक्षण हो, जिससे विद्यालय की पढ़ाई बाधित नहीं हो।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने विद्यालय आधारित आकलन शिक्षक प्रशिक्षण के संशोधित आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें शिक्षक लेवल-2 के पांच दिवसीय ऑफलाइन एवं पांच दिवसीय ऑनलाइन शिविर निर्धारित किए हैं। पहले कक्षा 6 से 10 तक अध्यापन कराने वाले सभी शिक्षकों (वरिष्ठ शिक्षक एवं लेवल-2 के शिक्षक) का 10 दिवसीय प्रशिक्षण करवाया जाना है। प्रशिक्षण का पहला चरण सम्पादित होने के बाद किन्हीं अपरिहार्य कारणों से शासन सचिव द्वारा प्रशिक्षणों को रुकवा दिया गया था।
यह है प्रशिक्षण कार्यक्रम
विभागीय अधिकारियों के अनुसार लेवल-2 के सभी शिक्षकों के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण शुरु हो गए है। पहला चरण 9 से शुरु हुआ, जो 13 फरवरी तक चला। इसी तरह चरण-2 14 से 18 फरवरी,चरण-3 20 से 24 फरवरी व चरण-4 25 से 29 फरवरी तक निर्धा ंरित। इस हिसाब से पूरा फरवरी माह भी शिक्षकों का प्रशिक्षण में गुजरने वाला है।
यह मिलता है बजट
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के अनुसार ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण के लिए प्रति संभागी प्रतिदिन 500 रुपए मिलता है। एक प्रशिक्षण में 40 या 50 संभागियों को प्रशिक्षण मिलता है। इसके अनुसार अलग-अलग मदों के लिए राशि निर्धारित है।
एफएलएन में पहले कर दिया व्यस्त
विभिन्न ब्लॉकों में कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों को एफएलएन प्रशिक्षण में लगाया गया है, साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण में लगाया गया है। जहां एक ओर शीतकालीन अवकाश के बाद विद्यालय खुलने वाले थे,लेकिन सर्दी का जोर ज्यादा होने के कारण अवकाश 12 जनवरी तक बढ़ाया गया उसके बाद भी त्योहार की छुट्टियां आ गई और महज 23 दिसम्बर से 23 जनवरी तक 7 दिन ही छात्र स्कूल आ पाए। इतनी छुट्टियों के बाद जब छात्र स्कूल आने लगे तो शिक्षको को प्रशिक्षण में व्यस्त कर दिया।
शिक्षा विभाग को नहीं है विद्यार्थियों के हितों की ङ्क्षचता
जनवरी माह प्रारंभ से फरवरी माह के अंत तक लगातार शिक्षक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिक्षकों के प्रशिक्षण में जाने से विद्यालय की पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो रही है। वहीं इस माह के अंत से बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ होने जा रही है।विभाग द्वारा बजट खपाने के चक्कर में वित्त वर्ष के अंतिम महीने में ही शिक्षक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं,जो अनुचित है।
अनिल सामरिया, जिलाध्यक्ष,राजस्थान शिक्षक राष्ट्रीय,बूंदी
‘नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत शिक्षकों को यह प्रशिक्षण राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित करवाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी सत्र में विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाना है। यह प्रशिक्षण 29 फरवरी तक चलेंगे’।
राजेंद्र कुमार व्यास,जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यामिक),बूंदी
Updated on:
19 Feb 2024 12:00 pm
Published on:
19 Feb 2024 11:57 am

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