
स्थिति इतनी बिगड़ी कि तरबूज बेचकर करना पड़ रहा गुजारा
स्थिति इतनी बिगड़ी कि तरबूज बेचकर करना पड़ रहा गुजारा
लाखेरी. कोविड 19 संक्रमण महामारी के चलते कई परम्परागत व्यवसाय व रोजी रोटी चलाने वाले लोगों का कफ्र्यू के चलते अन्य कारोबार कर आजीविका चलानी पड़ रही है। ऐसा ही नजारा कस्बे के चुंगीनाका पर गाडिय़ां लुहार परिवार का है। ये परिवार फल फू्र ट बेचकर अपना गुजारा कर रहा है। सामान्य दिनों में छैनी, हथौड़ी व सब्बल व खेती किसानी, केरी कट्टे आदि बेचकर अपने परिवार का जीवनयापन करने वाले इस परिवार की एक पखवाड़े से रोजी रोटी खासा प्रभावित है। परिवार की महिलाएं व पुरुष अलग अलग ठेलों में तरबूज, खरबूजे आदि बेचकर जीवनयापन कर रहे हैं। परिवार के सदस्य राधेश्याम ने बताया कि पत्नी तौलाबाई परंपरागत लुहारी का काम संभालती थी, वो इन दिनों ठप पड़ा हुआ है और वो मजदूरी करने जाते थे। वो भी फिलहाल बंद है। पांच बच्चों का जीवनयापन करने के लिए तरबूज व अन्य फल बेचकर गुजारा कर रहे है।
मशीनीकरण ने किया धंधा चौपट
आधुनिक मशीनीकरण के दौर में गाडिय़ा लुहार परिवारों के काम धंधे पर खासी चोट पहुंची है। किसी समय मकान निर्माण के कारीगरों की छिनियां, किसानी के काम आने वाले हल, फांसे, दांतलिया बड़ी मात्रा में बिकती थी। कंबाईनों से कटाई व मकान निर्माण के कारीगरों के बिजली के कटर का प्रचलन होने से इन परिवारों का काम धंधा काफी कम रह गया है। एक साल से कोविड 19 के चलते लगने वाले लॉकडाउन, बाजार बंद ने इन परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है।
Published on:
26 Apr 2021 09:15 pm

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