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अंडरपास बना मुसीबत, लोग परेशान

मेगा हाइवे के निकट बाझडली रेलवे लाइन पर रेलवे विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया अंडरपास आवागमन में राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए मुसीबत बना हुआ है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Mar 10, 2021

अंडरपास बना मुसीबत, लोग परेशान

अंडरपास बना मुसीबत, लोग परेशान

अंडरपास बना मुसीबत, लोग परेशान
कापरेन. मेगा हाइवे के निकट बाझडली रेलवे लाइन पर रेलवे विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया अंडरपास आवागमन में राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए मुसीबत बना हुआ है। अंडरपास में दिन में भी अंधेरा रहता हैं और करीब तीन फीट की गहराई तक पानी भरा रहता हैं। जिससे दिन में भी अंडरपास से निकलना मुश्किल भरा होता हैं। वहीं अंडरपास से निकलते ही सामने हाइवे पर आने वाले वाहनों से टकराने के भय बना रहता हैं। चरडाना निवासी ग्रामीण भगवान प्रसाद पांचाल, छोटूलाल, महावीर, रामप्रसाद, बद्रीलाल, रामनाथ, भीमराज, शक्ति सिंह, महावीर आदि ने बताया कि बाझडली सम्पर्क सडक़ मार्ग से एक दर्जन से अधिक गांवों का जुड़ाव होने और मुख्य मार्ग होने से हमेशा आवागमन बना रहता हैं। अंडरपास में अंधेरा होने से रात के समय निकलना बड़ा कठिन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास से गुजरना एक सुरंग से निकलने जैसा लगता हैं। जिसमें पानी भरा होने से हमेशा खतरा बना रहता हैं। बड़े वाहन, ट्र्रैक्टर ट्रॉली आदि निकलने पर साइड देने की जगह नहीं रहती हैं। बलराम मालव, चरडाना सरपंच सुनीता मीणा, कालूलाल मीणा आदि ने बताया कि काफी विरोध जताने के बावजूद प्रशासन द्वारा अंडरपास बनाया गया लेकिन ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा नहीं की गई। जिसके चलते करीब पांच वर्षों से ग्रामीण परेशान है। अंडरपास को बन्द कर अन्य वैकल्पिक मार्ग के लिए ग्रामीण उच्च अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों से कई बार मांग कर चुके है, लेकिन प्रशासन द्वारा अंडरपास में रोशनी और पानी निकासी का आश्वासन देते हैं। अंडरपास में पानी निकासी का अब कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से हालात का जायजा लेकर स्थाई समाधान की मांग की है।

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