बूंदी. आयुर्वेद विभाग की ओर से शुरू किए गए मेडिको टयूरिज्म के तहत बूंदी के पंचकर्म चिकित्सा थैरेपी की देश विदेश में पहचान बन रही है। वहीं विभाग की ओर से आयुर्वेद के क्षेत्र में जिले की उपलिब्ध को देखते हुए इसे प्रदेश में मॉडल सेंटर के रूप से माना है। जिला आयुर्वेद अधिकारी सुनील कुशवाह ने बताया कि बालचंद पाड़ा स्थित आयुर्वेद चिकित्सा केन्द्र में 15 दिसम्बर 2019 से पंचकर्म चिकित्सा थैरेपी शुरू की गई थी। इस केन्द्र में विभिन्न प्रदेशों के 38 महिला-पुरुषों के अलावा 19 देशों के सौ से अधिक विदेशों पर्यटक भी लाभ उठा चुके है। वहीं इजराइल की महिला पर्यटक रविटाल थैरेपी से होने वाले लाभ से प्रभावित होकर दोबारा पंचकर्म का लाभ प्राप्त कर चुकी है।डॉ. कुशवाह ने बताया कि पंचकर्म में होने वाली थैरेपी में 45 मिनट एवं सभी क्रियाओं में कुल एक से तीन घंटे तक का समय लगता है। तथा सात तक थैरेपी करवाए जाने पर संबंधित रोग के निदान में अत्यधिक लाभ होने की संभावना रहती है।
मसाज चेयर हो रही उपयोगी साबित
आयुर्वेदिक औषधालय में एक ऑटोमैटिक वाइब्रेङ्क्षटग मसाज चेयर का भी रोगी लाभ उठा रहे है। करीब सवा दो लाख रुपए की लागत की इस मशीन में एक बार में करीब बीस मिनट तक चेयर पर बैठने के बाद सिर से पैरों तक मसाज होती है। इस मशीन की सफलता के बाद केन्द्र में एक हाई एडवांस वाईब्रेङ्क्षटग चैयर एवं स्पाइल बेड की ओर से स्वीकृति जारी हो चुकी है।
विस्तार के लिए भूमि आवंटित
डॉ. सुनील कुशवाह ने बताया कि बूंदी को पंचकर्म सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए गांधी ग्राम में पांच बीघा भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसमें पचास बेड का अस्पताल बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए छह करोड़ रुपए का प्रस्ताव बना कर राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। वहीं 5 जुलाई 2022 को निदेशक आयुर्वेद निदेशालय ओर से उत्कृष्ट पंचकर्म सेंटर के लिए अनुशंसा की जा चुकी है।
मेडिको टयूरिज्म के तहत यहां पंचकर्म शुरू किया गया था, जो अब यहां आने वाले पर्यटकों की पसंद बन रहा है। सरकार ने पंचकर्म थैरेपी केन्द्र के विस्तार के लिए पांच बीघा भूमि भी आवंटित की है। भवन के लिए प्रस्ताव बना कर भेजा जा चुका है।
डॉ. सुनील कुशवाह, पंचकर्म विशेषज्ञ जिला आयुर्वेदिक अस्पताल, बालचंद पाड़ा