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Bundi : तहसील कार्यालय के लिए स्वीकृत बजट जमीन के अभाव में संकट में

उपखंड मुख्यालय पर तहसील के पास अपना निजी भवन नहीं होने से तहसील कार्यालय लंबे समय से सीएडी परिसर में स्थित सीएडी के खाली कमरों में चल रहा है। राजस्व विभाग में तहसील भवन के लिए वर्ष 2024- 25 में 3 करोड़ चार लाख रुपए स्वीकृत किए थे लेकिन जगह के अभाव में यह बजट खर्च नहीं किया जा सका।

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तहसील कार्यालय के लिए स्वीकृत बजट जमीन के अभाव में संकट में

केशवरायपाटन. सीएडी के भवनों में चल रहा तहसील कार्यालय।

केशवरायपाटन. उपखंड मुख्यालय पर तहसील के पास अपना निजी भवन नहीं होने से तहसील कार्यालय लंबे समय से सीएडी परिसर में स्थित सीएडी के खाली कमरों में चल रहा है। राजस्व विभाग में तहसील भवन के लिए वर्ष 2024- 25 में 3 करोड़ चार लाख रुपए स्वीकृत किए थे लेकिन जगह के अभाव में यह बजट खर्च नहीं किया जा सका।


तहसील कार्यालय के पास ही सीएडी की खाली जमीन को तहसील के नाम आवंटित कर तहसील कार्यालय बनाने की प्रक्रिया तो शुरू की गई लेकिन यह फाइल प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी की वजह से धूल चाट रही है। संभागीय आयुक्त कोटा इस भूमि को आवंटित करेंगे लेकिन फाइल कहां अटकी हुई है किसी के पास कोई जवाब नहीं है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर उनके निजी सहायक ने भी प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया था लेकिन अधिकारी उनके निर्देश के बाद भी फाइल को आगे नहीं बढ़ा सकें। अब यह मामला खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।बजट खर्च नहीं होने पर बजट निरस्त का खतरा उत्पन्न हो गया। लोगों का कहना था कि इस मामले का अब शीघ्र निस्तारण होना चाहिए।

असुरक्षित हैं मौजूदा कार्यालय
तहसील कार्यालय जहां चलता है वह जगह असुरक्षित है। बारिश में यह जलप्लावित हो जाता है। तहसील के राजस्व विभाग, लेखा विभाग, नायब तहसीलदार कार्यालय सहित अन्य कमरों में पानी भर जाता है। राजस्व रिकार्ड पानी में खराब होने का खतरा बना रहता है। तहसीलदार रवि शर्मा ने बताया कि तहसील कार्यालय के लिए आवंटित भूमि की फाइल राज्य सरकार को भेज रखी है। इस बारे में कोई निर्णय नही हो पाया है। भूमि आवंटन के बाद काम शुरू कया जाएगा।

लाइलाज बना अतिक्रमण
तहसील कार्यालय के लिए पुलिस थाने के पास भूमि आवंटित कर रखी है। इस भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण कर कच्चे पक्के मकान बना रखे हैं। प्रशासन उस अतिक्रमण को हटाने में विफल हो गया है। अधिकारियों की नाक के नीचे तीन दशक से लोगों ने धीरे धीरे अतिक्रमण करना शुरू किया जो अब लाईलाज बन गया। तहसील कार्यालय पहले लाल चौक पर केशव मंदिर के पास था लेकिन वहां दरारें आने से आनन-फानन में उसे खाली कर सीएडी परिसर में कार्यालय शुरू किया।