
भण्डेड़ा. क्षेत्र में निमोद की तरफ बाघिन की ट्रैकिंग करती तीन रेंज की वन टीम।
बूंदी.भण्डेड़ा. क्षेत्र में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व अभयारण्य की आरवीटीआर-09 बाघिन गुरुवार को वन सीमा छोडक़र निमोद के खेतों की तरफ पहुंच गई। सूचना पर तीन रेंज के कर्मचारी उनकी निगरानी में तैनात किए गए। आठ वाहनों से बाघिन की ट्रैकिंग शुरू कर गई। बाघिन के वापस अभयारण्य की सीमा में जाने पर कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान टीम को भी मशक्कत करनी पड़ी है। बाघिन का मूवमेंट दिनभर मेज नदी की पुलिया के आसपास बना रहा।
जानकारी के अनुसार बाघिन को सादेड़ा प्लांटेशन रास आ गया है। कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में बसेरा बना रखा था, जिसके बाद आरवीटीआर-01 बाघ की दस्तक से उसके साथ ही बाघिन इस जगह को छोडक़र आरवीटीआर की पहाडिय़ों में दोनों साथ डाबेटा की तरफ निकल गई थी। आठ दिन के लगभग पहाड़ी क्षेत्र में रही है। इसके बाद बाघिन फलास्थूनी के निकट प्लांटेशन-ए व प्लांटेशन-बी में होते हुए मरां घाट व फिर मुण्डली घाट होते हुए मेज नदी पार करके समेला वन चौकी के पास से सडक़ पार करके सादेड़ा प्लांटेशन में प्रवेश किया गया था। बुधवार को अभयारण्य की सीमा छोडक़र वन मंडल नैनवां की सीमा में सुबह लगभग पांच बजे प्रवेश कर गई थी।
आरवीटीआर की ट्रेङ्क्षकग टीम लगातार नजर बनाए हुई थी। नजदीकी निमोद गांव के खेतों में बाघिन ने देखी गई। खेतों में बाघिन की जानकारी पर वन मंडल नैनवां व ङ्क्षहडोली रेंज के कर्मचारियों सहित अधिकारियों की दौड़ लगी। रामगढ विषधारी टाइगर रिजर्व के रेंज जैतपुर के कालानला वन चौकी प्रभारी साभलाल मीणा, गुढ़ासदावर्तियां वन चौकी के वनरक्षक रूप सिंह गुर्जर, जैतपुर रेंज से ट्रैकिंग टीम के कर्मचारी सहित मौके पर पहुंचकर आठ वाहनों से बाघिन को वापस वन क्षेत्र में करवाने में सफल हुए।
Published on:
10 Apr 2026 12:54 pm
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