8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bundi : रोग बांट रहा जिला अस्पताल, एक माह से उड़ रहे धूल के गुबार

जिला कलक्टर कार्यालय के सामने स्थित होने के बाद भी जिला अस्पताल की दशा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। यहां परिसर में एक माह से धूल के गुबार उड़ रहे है। और यह धूल चिकित्सालय परिसर के साथ वार्ड तक भी पहुंच रही है। चिकित्साधिकारी भी इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मान रहे है, फिर भी इस समस्या का निराकरण नहीं किया जा रहा है। शुक्रवार रात को आए अंधड़ से काफी मात्रा में मिट्टी अस्पताल के गलियारों व वार्ड में पहुंच गई, ऐसे में मरीजों को खिड़कियां बंद करनी पड़ी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बूंदी

•

image

pankaj joshi

•

Updated: 1 Jun 2026, 6:29 PM IST

Bundi : रोग बांट रहा जिला अस्पताल, एक माह से उड़ रहे धूल के गुबार

बूंदी. जिला अस्पताल की क्षतिग्रस्त सडक़ से गुजरती एम्बुलेंस। पत्रिका

बूंदी. जिला कलक्टर कार्यालय के सामने स्थित होने के बाद भी जिला अस्पताल की दशा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। यहां परिसर में एक माह से धूल के गुबार उड़ रहे है। और यह धूल चिकित्सालय परिसर के साथ वार्ड तक भी पहुंच रही है। चिकित्साधिकारी भी इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मान रहे है, फिर भी इस समस्या का निराकरण नहीं किया जा रहा है। शुक्रवार रात को आए अंधड़ से काफी मात्रा में मिट्टी अस्पताल के गलियारों व वार्ड में पहुंच गई, ऐसे में मरीजों को खिड़कियां बंद करनी पड़ी।

जानकारी अनुसार चिकित्सालय परिसर में करीब दो साल से नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। इसके चलते कलक्ट्रेट के सामने से जनाना अस्पताल तक जाने वाला मार्ग भी करीब एक माह से खुदा हुआ पड़ा है। इस पर सीवरेज का कार्य किया गया है, लेकिन इसके बाद से इसकी सुध तक नहीं ली गई है। इस मार्ग की हालत गांव की डगर से भी बदतर हो गई है। चोपहिया वाहन गुजरने पर पीछे कई मीटर तक धूल का गुबार उड़ता नजर आता है।

जबकि इसी मार्ग से करीब दो हजार मरीज एवं परिजन रोज गुजरते है, इसके बावजूद भी समस्या से निजात पाने के प्रयास तक नजर नहीं आ रहे है। यहां आने वाले अस्पताल स्टाफ ने बताया कि कई बार प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को समस्या से अवगत करा दिया, फिर भी राहत देने के लिए कोई नहीं किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को शिकायत करने पर निर्माण संवेदक ने एक-दो बार पानी डाल दिया, जिससे कीचड़ फैल गया। सड़क निर्माण के अभाव में यहां एक पखवाड़े में तीन बार पेयजल पाइप लाइन टूट चुकी है, जिससे बहा पानी से मरीजों का आवागमन प्रभावित हुआ है।

कई बार पत्र देकर आरएसआरडीसी के अभियंता और संवेदक को कई बार समस्या के बारे में बता दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। चिकित्सकों के साथ मरीज व उनके परिजन भी परेशान हो रहे है। अभियंताओं को प्रारिम्भक रूप से कम से कम ग्रेवल तो बिछा देना चाहिए, जिससे मिट्टी नहीं उड़े। मुख्य अभियंता को इस बारे में शिकायत की जाएगी।
डॉ. एल एन मीना, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल, बूंदी

जनाना अस्पताल की तरफ से सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एक सप्ताह में समस्या से निजात दिलाने के संवेदक को हिदायत दी गई है।
सुरेन्द्र गुर्जर, सहायक अभियंता आरएसआरडीसी