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राजकीय सम्मान से हुई अंत्येष्टि

सीताराम अमर रहे के नारों से गूंजा जमीतपुरा

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तालेड़ा . जमीतपुरा निवासी सीताराम बैरवा (35) की लखनऊ स्थित सैनिक कार्यालय में हृदय गति रुकने से मौत हो गई। सीताराम लखनऊ में लिपिक के पद पर दस वर्ष से कार्यरत थे। अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहा पर हृदय गति रुकने से इलाज के दौरान मौत हो गई। सीताराम के शव को राजकीय सम्मान के साथ अस्पताल से रविवार रात को रवाना किया गया। सीताराम बैरवा की मौत होने की सूचना गांव तक पहुंचने पर लोग श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। भारतीय सेना के जवानों ने सलामी के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जिले के प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस जाता मौजूद रहा।
सुबह अकतासा बायपास पर भारतीय सेना के जवान राजकीय सम्मान के साथ वाहन में पार्थिक शव को जमीतपुरा ले जाने के दौरान हुजूम उमड़ पड़ा। और सीताराम अमर रहे के नारे गुंजायमान होते रहे। लोगो की भीड़ पार्थिक शव को ले जा रहे वाहन के पीछे गमगीन होकर हाथो में तिरंगा लिए भारत माता की जय,सीताराम अमर रहे कहते हुए वाहन के पीछे पैदल ही दौड़ पड़े।
बिलख उठा परिवार
सीताराम का शव परिजनों के सामने पहुंचा तो परिवार के लोग बिलख पड़े।गांव में मौजूद लोगों ने नम आखों से श्रद्धांजलि दी। सीताराम का छह वर्षी ंय पुत्र रंश अपने पिता के शव से लिपट कर बिलाप कर रहा था।
नम आंखों से श्रद्धांजलि दी
केशवरायपाटन. जमीतपुरा निवासी सीताराम बैरवा का शव लखनऊ से गांव जाते समय सहकारी चीनी मिल चौराहे पर पहुंचा तो लोगों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रद्धांजलि दी। यहां से जब जवान का शव ईश्वरनगर, चितावा पहुंचा तो लोगों ने पुष्प वर्षा कर अंतिम विदाई दी।