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यहां किसानों ने इसलिए कर दिया हंगामा, लगा दिया जाम

फसल खराबे के आवेदन की अंतिम तिथि निकली, समय पर सूचना नहीं मिली, फसल खराबे के आवेदन जमा नहीं करा सके

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यहां किसानों ने इसलिए कर दिया हंगामा, लगा दिया जाम

यहां किसानों ने इसलिए कर दिया हंगामा, लगा दिया जाम

नैनवां. समय पर खराबे के आवेदन जमा कराने की सूचना नहीं मिलनेे सेे सैकड़ों बीमित किसान फसलों के खराबे के आवेदन जमा कराने से वंचित रह गए। सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय में फसल खराबे के आवेदन जमा कराने आए किसानों ने तीन घंटे तक हंगामा किया। पहले सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय पर उसके बाद उपखंड अधिकारी व तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद भी किसानों के बाद भी अवेदन जमा नहीं हुए तो किसानों ने तहसील कार्यालय के बाहर एसएच 34 पर धरना देकर चक्काजाम कर दिया। आधे घंटे बाद पुलिस की समझाइश के बाद जाम हटा दिया। फसलों के खराबे के बीमा कम्पनी द्वारा सात अगस्त से किसानों से आवेदन मांगेे थे। आपदा प्रभावित बीमित किसानों को आपदा से 72 घंटों में ऑनलाइन व सात दिनों में ऑफ लाइन आवेदन कृषि विभाग कार्यालयों में जमा कराने थे। सात अगस्त तक आपदा का समय माना था। जिससे सात दिन के अन्दर 14 अगस्त तक आवेदन जमा कराने थे। इधर जाम कर रहे किसानोंं का आरोप है कि बीमा कम्पनी व कृषि विभाग ने किसानों को खराबे के आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि की कोई जानकारी नहीं दी। सोमवार को आवेेदन जमा कराने आए तो बीमा कम्पनी व कृषि विभाग ने आवेदन लेने से मना कर दिया। आवेदन जमा नहीं होने पर किसान उपखंड अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे व प्रदर्शन के बाद उपखंड अधिकारी को समस्या बताई। उपखंड अधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों से बात की, लेकिन अंतिम तिथि निकल जाने की समस्या बताई। किसानों ने उपखंड अधिकारी कार्यालय से निकलकर तहसील कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करने के बाद सड़क पर धरना देकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर थाने से एएसआई देवलाल मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे और किसानों से बात की। उसके बाद किसानों ने जाम हटा दिया।
इन गांवों से आए किसान
बामनगांव, डोडी, काशीपुरा, करीरी, हीरापुर, गुरजनिया, पांडुला, धनुगांव, गुढ़ादेवजी, महावीरपुरा, भजनेरी, कालामाल, देवपुरा, गुजरिया खेड़ा, अर्जुनपुरा, कोलाहेड़ा, जजावर, संडीला, गणेशपुरा, दलेलपुरा, बावड़ी, भोमपुरा, मरां सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के किसान शामिल थे।