
नैनवां उपखंड के सहण गांव में अपने बचपन में रामलीला में छोटे मोटे किरदार निभाने वाले प्रदीप काबरा आज फिल्मी दुनिया में जाना पहचाना नाम हो गया है।
अब तक दो दर्जन हिन्दी फिल्मों में अभिनय कर चुके काबरा रविवार को अपने ननिहाल सहण गांव में आए। यहां पत्रिका से संक्षिप्त बातचीत में काबरा ने रूपहले पर्दे तक पहुंचने के अपने संघर्ष की कहानी साझा की।
काबरा ने बताया कि उनका जन्म कोटा में हुआ था। लेकिन बचपन अपने ननिहाल सहण में बीता। यहीं उन्होंने चौथी कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त की। अभिनय का शोक था, सो गांव की रामलीला में कई किरदार किए।
इसके बाद कोटा में डीसीएम में होने वाली रामलीला में भी सीता का किरदार निभाया। बाद में जयपुर थियेटर में काम किया। मन में फिल्मों में काम करने की इच्छा जगी तो बैग उठाकर मुंबई पहुंच गए। जहां अधिकारी ब्रदर्स के सीरियल में ब्रेक मिला।
सीआईडी, अदालत, क्राईम पेट्रोल, महाराणा प्रताप जैसे टीवी सीरियल में काम किया। फॉग परमफ्यूम, केडबरी, अमूल माचो सहित अन्य विज्ञापन फिल्मों में काम किया।
राजस्थानी फिल्म में दिखेंगे
उन्होंने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में भी बताया। काबरा ने कहा कि जल्द ही वे राजस्थानी फिल्म तांवडा व हिन्दी फिल्म गुंडे व गुडिया में नजर आएंगे। अनुपम खेर व जिम्मी शेरगिल जैसे कलाकारों के साथ स्क्रीन शेेयर करंेगे।
निगेटिव रोल में बनी पहचान
प्रदीप ने फिल्मों में निगेटिव भूमिका निभाई। वे खलनायक के लिए अहम काम करने वालों में शामिल हुए। हालांकि असल जिन्दगी में वह एक खुश मिजाज व हर किसी के साथ दोस्ताना व्यवहार रखते हंै। बरा मुंबई को अपनी दूसरी मां मानते हैं।
रन से शुरू हुआ फिल्मी सफर
प्रदीप काबरा का हिन्दी फिल्मों का सफर 2004 मेुं रन फिल्म से शुरू हुआ। इसके बाद करीब दो दर्जन फिल्मों में काम किया। दबंग, वान्टेड, खिलाड़ी 786, दिलवाले, बैंग बैंग, एक हसीना थी, देहली बेहली, आर राजकुमार, एक्शन जैक्सन, बॉस, डबल धमाल, अतिथि तुम कब जाओगे, फैमिली जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके।
Published on:
09 Oct 2016 10:50 pm
