नैनवां. थाना क्षेत्र के बम्बूली गांव में मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। खेत पर सरसों की फसल निकालते समय थ्रेसर मशीन में आ जाने से 35 वर्षीय विवाहिता जानकी बाई के शरीर के चिथड़े हो गए। विवाहिता की थ्रेसर मशीन के अंदर ही मौत हो गई। परिजनों व पुलिस के अनुसार जानकी बाई सुबह दस बजे अपने पति व ससुर के साथ खेत पर कटकर पड़ी सरसों को थ्रेसर मशीन से निकाल रहे थे। थ्रेसर में सरसों की पुलिया देते समय अचानक जानकी बाई ने ओढ़ रखा लुगड़ा थ्रेसर में आते ही लुगड़ी के साथ उसका शरीर भी थ्रेसर में आ गया। थ्रेसर को बंद कर परिजनों ने चिथड़े हुए शव को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही थानाधिकारी सुभाषचन्द्र शर्मा, एएसआई शंकरलाल यादव व राजेन्द्रसिंह भी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए नैनवां उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया। नायब तहसीलदार रामदेव खरेडिया भी चिकित्सालय पहुंचे और हादसे की जानकारी ली।
पोटली में बांधकर लाए शव
थ्रेसर चलते ही कुछ मिनटों में ही हादसा हो गया। थ्रेसर में जानकी ने कुछ पुलिया ही दी थी कि पुलियों के साथ उसका लुगड़ा थ्रेसर में ऐसा उलझा की उसके शरीर को खींच लिया। और पति व ससुर की आंखों के सामने ही उसके शरीर के चिथड़े हो गए। थ्रेसर की पंखुड़ियों में फंसे शरीर के टूकड़ों को निकालकर पोटली में बांधना पड़ा।
भाई ने दी रिपोर्ट
मृतका के भाई टोंक जिले के नगरफोर्ट थाने के याकुबपुरा निवासी रामकिशन ने हादसे की दी रिपोर्ट में लिखा कि उसकी बहन जानकी बाई अपने ससुराल बम्बूली में अपने खेत पर ही थ्रेसर से सरसों की फसल निकलवा रही थी। मौके पर उसके बहनोई कजोड़ व ससुर शोजीलाल धाकड़ भी मौजूद थे। सुबह करीब दस बजे की बात है कि थ्रेसर में सरसों की पुली डालते समय बहन जानकी बाई की लुगड़ी थ्रेसर में आ जाने शरीर भी थ्रेसर में आ गया, जिससे शरीर के टूकड़े-टूकड़े हो जाने से मौत हो गई।
हादसे ने छीनी मासूमों से ममता
मृतका के तीन पुत्रियां व एक पुत्र है। हादसे ने उनसे मां की ममता छीन ली। मां का शव घर पहुंचते ही विलाप करते हुए पछाड़े खाने लगे। पति कजोड़ भी बेसुध हो गया। परिवार में कोहराम मच गया। दर्दनाक हादसे से बम्बूली गांव के लोग स्तब्ध रह गए। पूरे गांव में शोक छा गया।