
Bundi News: बूंदी जिले की नैनवा पंचायत समिति की बुधवार को हुई साधारण सभा की बैठक में नायब तहसीलदार पर फोन पर कुछ दिन पहले प्रधान के साथ अभद्रता का आरोप लगाकर जनप्रतिनिधियों ने जोरदार हंगामा कर दिया। एक महिला जनप्रतिनिधि ने तो कुर्सी उठाकर फेंक दी। जनप्रतिनिधियों के हंगामे के दौरान बैठक में बैठे नायब तहसीलदार बैठक से उठकर चले गए। बैठक में मौजूद उपखण्ड अधिकारी सीमा मीणा व पुलिस उपाधीक्षक ने जनप्रतिनिधियों को समझा कर मामला शांत कराया।
बैठक में सड़कों व पेयजल समस्याओं पर चर्चा पूरी होने के राजस्व विभाग की समस्याओं की चर्चा के बीच पंचायत समिति सदस्य रेशमसिंह मीणा ने आरोप लगाया कि एक दिसम्बर को बम्बूली गांव में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने गए नायब तहसीलदार रामदेव खरेडिया ने फोन पर प्रधान पदमकुमार नागर से अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
इस पर पंचायत समिति सदस्य सुनीता शर्मा, शैतानसिंह मीणा, जिला परिषद सदस्य शक्तिसिंह आसावत, सरपंच रामलाल पहाड़िया, मेघराज गुर्जर, जगतसिंह नायक, रामप्रकाश नागर सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बैठक में हंगामा कर दिया। हंगामे के बीच पंचायत समिति सदस्य ने कुर्सी उठाकर फेंक दी।
हंगामे के बीच प्रधान पदमकुमार नागर ने बम्बूली के चरागाह के अतिक्रमण हटाने के मामले नायब तहसीलदार से जवाब देने को कहा तो नायब तहसीलदार बैठे-बैठे ही अपनी बात कहने लगे। प्रधान ने नायब तहसीलदार को खड़े होकर जवाब देने को कहा तो नायब तहसीलदार बैठक से उठकर चले गए। हंगामा बढ़ने लगा तो उपखण्ड अधिकारी व पुलिस उपाधीक्षक ने हंगामा कर रहे जनप्रतिनिधियों को शांत किया।
प्रधान पदमकुमार नागर ने तहसीलदार द्वारा न्यायालय तहसीलदार की ऑर्डर शीट में जीवत बताकर दुगारी ग्राम पंचायत के रघुनाथपुरा गांव में आठ साल पहले ही मर चुके इंद्रजीत को अतिक्रमी माना। जुर्माना करने का मामला उठाते हुए तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रधान ने आरोप लगाया कि मामले की नैनवां थाने में रिपोर्ट दिए जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की। पुलिस उपाधीक्षक को भी मामले की रिपोर्ट देकर कार्रवाई करने को कहा। जिला परिषद सदस्य शक्तिसिंह आसावत, सरपंच रामलाल खींची सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मामले को गम्भीर मानते हुए जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। उपखण्ड अधिकारी सीमा मीणा ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।
बैठक में स्वीकृत सड़कों का कार्य बंद होने, मरम्मत व सड़को के दोनों और उगे जंगल को साफ नही कराने के मामले को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की खिंचाई कर दी। सरपंच रामलाल खींची ने दुगारी-रघुनाथपुरा की स्वीकृत सड़क का कार्य शुरू कराने, दुगारी में बाढ़ से टूटी सड़कों व पुलियाओं की मरम्मत कराने, जिला परिषद के सदस्य शक्तिसिंह आसावत ने बोरदा विद्यालय की स्वीकृत चारदीवारी का निर्माण शुरू कराने, पंचायत समिति सदस्य सुनीता शर्मा ने बंसोली रोड की मरम्मत कराने सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की।
पेयजल पर चर्चा करते हुए जनप्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन व चम्बल पेयजल योजना की पाइपलाइनों के लिए गांवों में खुदाई सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की। व गांवों में खराब पड़े हैंडपम्पों की मरम्मत कराए जाने की मांग की। सरपंच महावीर नागर ने जरखोदा में जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ी होने की बात कही तो पंचायत समिति सदस्य मिथलेश शर्मा ने कहा कि पाइप लाइनों की मरम्मत नही कराए जाने से दुगारी में बिगड़ी जलापूर्ति के कारण आठ-आठ दिनों में नलों में पानी आता है।
उपखण्ड अधिकारी सीमा मीणा ने बताया कि नायब तहसीलदार द्वारा प्रधान से अभद्र भाषा मे बात करने के आरोपों व बैठक से उठकर चले जाने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार द्वारा मृत व्यक्ति को अतिक्रमी मानकर जुर्माना करने के मामले की जांच करवाई जाएगी। वहीं, नायब तहसीलदार रामदेव खरेडिया का कहना है कि मैंने प्रधान से फोन पर कोई अभद्र बात नहीं की। आरोप झूंठा है।
Published on:
18 Dec 2024 06:58 pm
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