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अस्पताल में भटक रहे पेंशनर्स, ना पर्ची मिल रही, ना दवा

जिला अस्पताल में पेंशनर्स एवं राज्य कर्मचारी परामर्श व दवा नहीं मिलने के कारण एक कमरे से दूसरे कमरे तक भटक रहे है, वहीं अस्पताल प्रशासन भी उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। पंडित ब्रज सुंदर सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन करीब चार सौ से अधिक पेंशनर्स व राज्य कर्मचारी दवा लेने आते है
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अस्पताल में भटक रहे पेंशनर्स, ना पर्ची मिल रही, ना दवा

जिला अस्पताल

बूंदी. जिला अस्पताल में पेंशनर्स एवं राज्य कर्मचारी परामर्श व दवा नहीं मिलने के कारण एक कमरे से दूसरे कमरे तक भटक रहे है, वहीं अस्पताल प्रशासन भी उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। पंडित ब्रज सुंदर सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन करीब चार सौ से अधिक पेंशनर्स व राज्य कर्मचारी दवा लेने आते है, लेकिन आरजीएचएस की पर्ची की स्टेशनरी खत्म हो जाने से नहीं मिल रही है। वहीं अन्य रोगियों के लिए दी जाने वाली पर्ची की प्रिंट साफ नहीं आ रही है। सामान्य पर्चियों पर पंडित बृज सुंदर सामान्य चिकित्सालय का नाम स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है। पेंशनर जब दवा विक्रेता के पास जाता है तो दवा विक्रेता इस त्रुटि के कारण दवा उपलब्ध नहीं करवाता। वापस अस्पताल आने पर पेंशनर्स अस्पताल के नाम की सील लगवा कर भी ले जा रहे है, लेकिन इससे भी उन्हें दवा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में करीब दो घंटे भटकने के बाद पेंशनर्स एवं राज्य कर्मचारी परेशान होकर मजबूरी में अपने जेब से पैसे खर्च कर करके अपना इलाज करा रहा है। जिले की स्थिति और अधिक खराब है यहां पर प्राइवेट हॉस्पिटल नहीं के बराबर है और उन पर आरजीएचएस सुविधा भी उपलब्ध नहीं है यदि कोई पेंशनर गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो उन्हें उन्हें कोटा, जयपुर, भीलवाड़ा जाने को मजबूर होना पड़ता है जो उनके लिए हर ²ष्टि से महंगा होता है।

जमा है पेंशनर्स का शुल्क
पेंशनर्स नेता पुरुषोत्तम पारीक ने जानकारी देते हुए बताया की राज्य सरकार द्वारा दवा विक्रेताओं को दिसंबर माह के बाद ही उनके द्वारा पेंशनरों एवं राज्य कर्मचारी को दी गई दवा के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण भी दवा विक्रेता आरजीएचएस के तहत मिलने वाली दवाइयां उपलब्ध नहीं करा रहे है। पिछले काफी समय से पेंशनर्स एवं राज्य कर्मचारी चिकित्सा सुविधा एवं दवा के अभाव में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और मजबूरीवश अपनी जेब से पैसा खर्च करके स्वयं का और परिवार का इलाज करा रहे हैं, जबकि पेंशनरों ने अपनी पेंशन में से सदस्यता एवं सहयोग के नाम पर इन संगठनों को शुल्क जमा किया हुआ है।

मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
पारीक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन भेज कर अनुरोध किया है कि पेंशनर्स व राज्य कर्मचारियों को दवा नहीं मिल पा रही है। चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने की समस्या पर तत्काल ध्यान देकर निवारण कराए।