
धनियां को चढ़ा ताव. टमाटर हुआ लाल...
बूंदी. सब्जि का स्वाद बढ़ाने के साथ सलाद में काम आने वाले टमाटर के तेवर लाल हो चले है। एक पखवाड़े के भीतर तीगुने दाम होने से आम लोगो की थाली से धनिया की खुशबू और टमाटर गायब होने लगा है।
इसे मानसून का प्रभाव कहें या मुनाफाखोरी कि एकाएक सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच रहें है। आलम यह है कि बारिश के मौसम में सब्जियां गर्मी के मौसम से भी महंगी हो चली है। इससे किचन का बजट गडबडाने लगा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर इसी तरह सब्जियों के दामो में उछाल जारी रहा तो आने वाले दिनों में सब्जियां खरीदना भी मुश्किल हो जाएगा।
बैगलूर से आ रहा टमाटर-
लोकल स्तर पर उत्पादन की जाने वाली सब्जियां की आवक ठप्प हो गई है जो सब्जियां मार्केट में आ रही है वो अन्य राज्यों से आ रही है। इसलिए सब्जियों के दामो में उछाल आया है सब्जि विक्रताओं का कहना है कि महंगाई की यह मार अभी ओर कुछ दिन लोगो को झेलनी पड़ेगी। सब्जि विक्रेता नानू ने बताया कि आसपास के इलाकों से टमाटर की आवक खत्म हो गई है।
अभी बैगलूर से माल आ रहा है। थोक भाव में टमाटर 40 रूपए किलो बिक रहा है। ओर अच्छी क्वालिटी का टमाटर का भाव 60से 70रूपए किलो है। वहीं एक महिने पूर्व 10रूपए किलों में बिकने वाला धनिया अब बढकऱ 70रूपए किलो पर आ गया है। भाव में तेजी का असर लोकी पर भी देखने को मिला है। 4रूपए किलों में बिकने वाली लोकी तीन दिन में बढकऱ 20 से 30रूपए किलों हो गई है टमाटर के दाम बढऩे से आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रहे हैं।
टमाटर के दाम अचानक बढऩे से काफी दिक्कते आ रही है। जो टमाटर 50रूपए कैरेट में मिल रहा था वो अब 300 से बढकऱ 900 रूपए कैरेट पर आ गया है। फूटकर सब्जि विक्रेता राधेश्याम
सात दिन में टमाटर के दामों में उछाल आया है। लोकल स्टॉक खत्म हो चुका है अब टमाटर बैगलुर से आ रहा है अच्छी क्वालिटी का टमाटर मार्केट 60से 70 रूपए किलो बिक रहा है। थोक भाव 40 से 50 रूपए में बिक रहा है।
त्रिवेन्द्र जैन थोक सब्जि विक्रेता
टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं, जिसके कारण टमाटर की मात्रा में कटौती करनी पड़ रही है। धनिया के दाम भी बढ़ गए है।
प्रेमशर्मा गृहणि
Published on:
20 Jul 2018 06:02 pm
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