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Bundi : धान अनुसंधान केंद्र खुले तो मिले किसानों को संबल

चंबल कमांड क्षेत्र में धान उत्पादन को लेकर सरकार को धान अनुसंधान केंद्र खोलने की आवश्यकता है। ताकि धान उत्पादक किसानों को संबल मिल सके।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jan 14, 2026

Bundi : धान अनुसंधान केंद्र खुले तो मिले किसानों को संबल

धान की पौध

बूंदी. रामगंजबालाजी. चंबल कमांड क्षेत्र में धान उत्पादन को लेकर सरकार को धान अनुसंधान केंद्र खोलने की आवश्यकता है। ताकि धान उत्पादक किसानों को संबल मिल सके। वर्तमान में किसान धान की बुवाई को लेकर कोई ठोस क्रियान्वयन नहीं कर पा रहे हैं। यदि जिले में धान उत्पादन किसानों के लिए अनुसंधान केंद्र की स्थापना हो तो किसानों को संबल मिल सके।

वर्तमान में धान उत्पादक किसान सभी वैरायटी के धान की पौध को तैयार करके बिना मिट्टी की गुणवत्ता की जांच के ही रोपाई का कार्य कर रहे हैं। धान अनुसंधान केंद्र की स्थापना होने के बाद में धान तैयार करने वाले किसानों को उसकी गुणवत्ता व उसकी वैरायटी मिट्टी के अनुरूप उसका उत्पादन सभी की जानकारी मिल सकेगी। वर्तमान समय में किसान धान की पौध तैयार करने के लिए खेतों में पानी भर के उसमें रोपाई का कार्य पिछले कई सालों से करते आ रहे हैं।

मिट्टी परीक्षण के अनुरूप हो रोपाई
यदि धान तैयार करने को लेकर कोई अनुसंधान केंद्र खुले तो किसानों को मिट्टी का परीक्षण होने के बाद उसमें उसकी गुणवत्ता के अनुरूप ही धान की रोपाई का कार्य किसान कर सके। वर्तमान में किसान बिना मिट्टी परीक्षण के ही धान का उत्पादन व रोपाई का कार्य पिछले कई वर्षों से करते चले आ रहे हैं।

ऐसे में लगातार एक ही प्रजाति धान की रोपाई करने के चलते अब किसानों को खेतों में धान उत्पादन की अधिकता लेने के लिए उर्वरक की मात्रा भी लगातार बढ़ानी पड़ रही है। उसके साथ ही कई कीटनाशक दवाइयां का भी बिना सोचे समझे ही किसान काम में ले रहे हैं, जिसका दुष्प्रभाव भूमि पर पड़ता जा रहा है।

जिले में धान अनुसंधान केंद्र खुलने के बाद में किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण होगा। साथ ही किसानों को धान की अलग-अलग वैरायटी तैयार करने के लिए सुविधा रहेगी। यहां केंद्र की स्थापना होगी तो किसानों को काफी हद तक राहत मिलेगी।
सुनील शृंगी, सचिव, आढ़तिया संघ कुंवारती, बूंदी

चावल की गुणवत्ता की जांच के लिए बूंदी में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैब होनी चाहिए। चावल बोर्न ऑयल की भी एक लैब होनी चाहिए, जिससे इसका सीधा लाभ किसानों को मिल सके।
रमनदीप शर्मा, लघु उद्योग भारती बूंदी

किसानों के लिए बूंदी में एक कृषि अनुसंधान केंद्र की आवश्यकता है। ताकि किसानों को भूमि परीक्षण करवाने के लिए कहीं नहीं जाना पड़े। भूमि की गुणवत्ता के अनुसार ही किसान अपने फसलों का उत्पादन तय कर सके।
अमरजीत सिंह, किसान, सांवलपुरा