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उपखण्ड अधिकारी का रीडर व संविदाकर्मी 35 हजार रुपए की घूस लेते हुए पकड़े गए

उपखंड कार्यालय लाखेरी में बूंदी एसीबी टीम ने गुरुवार को कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक (रीडर) तथा उसके सहयोगी संविदा कर्मी शिव महेश योगी, कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार की रिश्ïवत राशि लेते रंगे हाथों धर दबोचा।

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उपखण्ड अधिकारी का रीडर व संविदाकर्मी 35 हजार रुपए की घूस लेते हुए पकड़े गए

लाखेरी. रिश्वत लेते गिरफ्तार रीडर तथा धारीदार टी शर्ट में संविदाकर्मी।

लाखेरी. उपखंड कार्यालय लाखेरी में बूंदी एसीबी टीम ने गुरुवार को कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक (रीडर) तथा उसके सहयोगी संविदा कर्मी शिव महेश योगी, कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार की रिश्ïवत राशि लेते रंगे हाथों धर दबोचा। एसीबी की बूंदी चौकी को मिली शिकायत में बताया गया कि आरोपी कनिष्ठ लिपिक (रीडर) उपखण्ड अधिकारी कार्यालय लाखेरी कर्मवीर सिंह हाडा द्वारा परिवादी से भारतमाला सडक़ परियोजना में आवाप्तशुदा जमीन का मुआवजा दिलवाने के एवज में 50 हजार रिश्ïवत की मांग कर परेशान किया जा रहा था। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसीबी बूंदी के पुलिस उपाधीक्षक हरीश भारती के नेतृत्व में टीम द्वारा ट्रेप की कार्रवाई करते हुए आरोपी संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्यालय उपखण्ड अधिकारी शिव महेश योगी तथा कर्मवीर सिंह हाड़ा से 35 हजार रुपए की नकद राशि बरामद लेते हुए हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपियों से पूछताछ जारी है।

बेखौफ था रीडर
आरोपी रीडऱ इतना बेखौफ था कि उपखंड अधिकारी के कोटा स्थानान्तरण होने के बाद भी वो परिवादी को साइन कराने का भरोसा दिलाता रहा। उसने परिवादी से कहा कि बिना पैसे लिए मैडम साइन नहीं करेगी। भले ही मैड़म का स्थानान्तरण कोटा हो गया हो आप तो राशि दो अभी में कोटा जाकर साइन करा लूंगा। जबकि उक्त भूमि प्रकरण के मामले की सुनवाई की तारीख उपखंड अधिकारी द्वारा 17 जुलाई को तय कर दी गई थी। बावजूद फैसला नहीं सुनाया गया। जबकि उपखंड अधिकारी कार्यालय में ही पदस्थापित थी। अभी 22 तारीख को ही कोटा स्थानान्तरण हुआ। ऐसे में एसीबी अब यह जांच में जुटी है कि आखिर जब 17 जुलाई को फैसला सुनाना था तो उसको पेंडि़ंग क्यों रखा गया।आरोपी परिवादी को दो माह से परेशान कर रहा था।