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बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग हुआ विभाग, अब पढ़ाया जाएगा ‘हेल्दी हैबिट्स’ का पाठ

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों में बढ़ते मोटापे को लेकर जागरूकता कार्यक्रम और अलग-अलग कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी और इन कार्यशालाओं में खाद्य तेल के उपयोग को कम करने पर फोकस किया जाएगा।

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बूंदी

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pankaj joshi

Aug 20, 2025

बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग हुआ विभाग, अब पढ़ाया जाएगा ‘हेल्दी हैबिट्स’ का पाठ

शिक्षा विभाग

बूंदी. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों में बढ़ते मोटापे को लेकर जागरूकता कार्यक्रम और अलग-अलग कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी और इन कार्यशालाओं में खाद्य तेल के उपयोग को कम करने पर फोकस किया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और आहार विशेषज्ञों के समय-समय पर व्याख्यान आयोजित करते हुए विद्यार्थियों को तेल के अधिक उपयोग से होने वाली परेशानियों और कम उपयोग से होने वाले लाभों के बारे में अवगत कराया जाएगा।

यू कहें तो स्कूलों में गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में हेल्दी हैबिट्स का पाठ पढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा है। आज के समय में बच्चों का झुकाव फास्ट फूड की ओर अधिक हो गया है। अधिक मात्रा में चीनी और तेल का सेवन उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। विशेषज्ञों की राय में ये आदतें भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

प्रधानमंत्री भी जता चुके है चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात कार्यक्रम में इस विषय पर चिंता जताई थी। बच्चों को इन बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए अब देशभर के स्कूलों में डिसप्ले बोर्ड, पोस्टर और अन्य सूचनात्मक सामग्री लगाई जाएगी। इन माध्यमों से बच्चों को समझाया जाएगा कि कैसे अधिक चीनी और तेल वाले खाद्य पदार्थ उनके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

बीमारियों से कर सके बचाव
आदेश में कहा कि विद्यार्थी अभी से स्वस्थ जीवन शैली की ओर कदम बढ़ाएं और भोजन संबंधी आदतों में सुधार लाकर मोटापे और बीमारियों से बचाव कर सकें। स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी विद्यार्थी इन संदेशों तक पहुंचे।

विद्यार्थियों का चयन
स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों में से ही एक विद्यार्थी का चयन स्वास्थ्य राजदूत के रूप में किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में पत्र जारी कर आगामी दिनों में गाइडलाइन के अनुसार कार्य योजना बनाते हुए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए है। स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों में मोटापा रोकने के अभियान में पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को शामिल किया गया है। जारी निर्देश में निदेशक ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक खाद्य तेल का सेवन कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं मोटापा, हृदय रोग और पाचन संबंधी समस्याओं से जुड़ा हुआ है।

बच्चों को किया जाएगा जागरूक
बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में हेल्दी हेबिट्स जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बकायदा स्कूलों मेें प्रार्थना सभा के दौरान बच्चो में बढ़ते मोटापा को लेकर जानकारी दी जाएगी। साथ ही स्कूलों में चेतावनी बोर्ड सहित अन्य सूचनात्मक सामग्री लगाई जाएगी।
धनराज, सहायक निदेशक, स्कूल, बूंदी