
पानी भरती महिलाएं
बूंदी. गर्मी की दस्तक के साथ जलदाय विभाग के सामने जिले के कुछ हिस्सों में पेयजल सकट की समस्या बनी रहेगी। हालांकि विभाग ने आशंका जताई है कि हिण्डोली, नैनवां व देई क्षेत्र के अधीन आने वाले गांवों व ढ़ाणियों में जल संकट गहरा सकता है। इसके पीछे कारण यहां का जल स्तर नीचे रहना माना जा रहा है।
ऐसे में यहां विभाग ने टैंकरों से जलापूर्ति के लिए प्लान तैयार किया है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि गर्मी में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए तैयार है। हालांकि कई गांवो व ढ़ाणियों में हैंड़पंप के साथ नलकूपों की स्थिति भी विकट है। जहां पानी का संकट बना रहेगा,वहां विभाग टैंकर से पानी की सप्लाई करेगा। अधिकारियों का कहना है कि टैंकर्स की आपूर्ति मांग के अनुसार की जाएगी। हालांकि अधीक्षण अभियंता ने सभी अधिकारियों को आदेश जारी कर गर्मी से पूर्व जहां रिपयेङ्क्षरग या मरम्मत की जरूरत है वो दुरूस्त कराने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपए की स्वीकृत किए है।
होगी जीओ ट्रेगिंग
जहां विभाग को लग रहा जल संकट गहराने की संभावना है, वहां प्रभावित गांवों में पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जाएगी। इन जगहों पर अप्रैल से जुलाई तक टैंकर के माध्यम से पानी की सप्लाई की जाएगी। बकायदा विभाग इनकी जीओं ट्रेगिंग भी कराएगा। अधिकारियों के अनुसार टैंकरों के अलावा हैंडपंपों से भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्यास बुझेगी।
जिले में हैंडपंप व नलकूपों की स्थिति
जिले में 12 हजार 253 हैंडपंप स्थापित है। इनमें से गत वर्ष 3 हजार हैंडपंप खराब हो गए थे, इनमें से विभाग ने कुछ दुरूस्त करा दिए गए है, कुछ कराना शेष है। विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है। पंचायत के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद भी कहीं पर खराब होने की जानकारी मिलती है तो फिर जल्द उसे दुरुस्त कराने का काम किया जा रहा है। वहीं शहरी क्षेत्र में नलकूपों की स्थिति 160 है वहीं ग्रामीण एरिया में इसकी संख्या 360 है। कुछ जगहों पर नलकूप हवा फैंक रहे है। विभाग का कहना है कि हैंडपंपों की मरम्मत के लिए एक अप्रेल से अभियान चलेगा।
तीन करोड़ से सुधारेंगे व्यवस्था
जिले में अगर कई भी पाइप लाइन फूटी हुई, पाइप बदलवाना हो, गंदे पानी की समस्या सहित जलापूर्ति से संबंधित जो भी समस्या होगी उसको दुरूस्त कराया जाएगा। वहीं टैंकर सप्लाई के लिए भी अलग से राशि निर्धारित की गई है। वहीं रोजाना 40-50 टैंकरों की आपूर्ति किए जाने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार डिमांड के हिसाब से भी आपूर्ति की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता सुनील शर्मा बातचीत
सवाल : गर्मी में जल संकट से निपटने की क्या तैयारी है ?
जवाब: जिले में जलापूर्ति की समस्या नहीं बने रहे इसको लेकर सभी अधिकारियों को पांबद कर दिया गया है। जहां समस्या है वहां अभी से उसको दुरूस्त कराने के लिए कहा गया है। विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। एक अप्रेल से हैंडपंपों की मरम्मतों के लिए अभियान चलेगा।
सवाल: जिले में जल संकट क्षेत्र चिङ्क्षहत किए गए है क्या?
जवाब: विभाग ने संभावित हिण्डोली, नैनवां व देई क्षेत्र एरिया को इसके लिए चिन्हित किया गया है, ताकि यहां आने वाले समय में गांव या ढ़ाणियों में पानी की समस्या नहीं बनी रहे। हालांकि इन क्षेत्रों के कई गांवों में स्थिति को देखते हुए टैंकरों से पानी की सप्लाई कराई जाएगी।
सवाल : हैंडपंप व नलकूप दुरूस्त कब तक होंगे ?
जवाब : जिले में हैडपंपों प नलकूपों की स्थिति वैसे सही है। फिर भी पंचायत के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। जहां हैंडपंप या नलकूप खराब होंगे उनको शीघ्र दुरूस्त कराया जाएगा। वैसे पाइप लाइन संबंधित जहां भी मरम्मत की जरूरत होगी उसके लिए करीब तीन करोड़ रुपए के काम होंगे।
सवाल: जिले में प्रतिदिन कितने टैकरों से पेयजल आपूर्ति होगी ?
जवाब : वैसे तो जहां मांग होगी वहां टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जानी है। फिर भी कई गांवों में स्थिति विकट है ऐसे में प्रतिदिन 40 से 50 टैंकरों से पानी की सप्लाई की जानी है। इसकी जीओं ट्रेगिंग भी की जाएगी।
Updated on:
27 Mar 2026 12:03 pm
Published on:
27 Mar 2026 12:02 pm
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