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सम्मेदशिखर की यात्रा पर निकले गणाचार्य से मिली ऐसी प्रेरणा… ‘छोटीकाशी’ में बनेगा हाड़ौती का पहला ‘अहिंसा विश्व मैत्री स्तंभ’

नगर परिषद सभापति ने पन्द्रह लाख रुपए की मंजूरी दे दी है। स्तम्भ का निर्माण अहिंसा सर्किल पर किया जाएगा।
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बूंदी

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Nagesh Sharma

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Updated: 19 Mar 2018, 7:09 PM IST

Tourism city mein haadautee ka pahala ahinsa vishv maitree stambh

नागेश शर्मा

बूंदी. गणाचार्य विराग सागर महाराज व प्रणम्य सागर महाराज की प्रेरणा से ‘छोटीकाशी’ बूंदी की धरा पर हाड़ौती का पहला ‘अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ’ बनेगा। इसके लिए नगर परिषद सभापति ने पन्द्रह लाख रुपए की मंजूरी दे दी है। स्तम्भ का निर्माण अहिंसा सर्किल पर किया जाएगा। अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ 21 से 25 फीट ऊंचा होगा। यह स्तम्भ राजस्थान में तीसरा अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ होगा। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

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इसको लेकर नगर परिषद ने 15 लाख रुपए की स्वीकृति जारी करते हुए निविदा प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है। स्तम्भ में जैन धर्म का प्रतीक चिह्न, णमोकार मंत्र , 24 तीर्थंकर भगवान के चिह्न सहित अलग रूपों में इसका रूप दिया जाएगा। पार्षद योगेन्द्र जैन ने बताया कि गणाचार्य की प्रेरणा से अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ बूंदी के लिए प्रेरणादायी साबित होगा।

ऐसे बनी योजना

सम्मेदशिखर की यात्रा पर निकले गणाचार्य विराग सागर महाराज ससंघ (47 पिच्छिका) का बूंदी शहर में प्रवेश हुआ था। गणाचार्य ने अहिंसा सर्किल पर बने अहिंसा सर्किल की दुर्दशा को देखते हुए इसको बूंदी के विकास में अच्छा नहीं बताया था। गणाचार्य ने सर्किल की जगह ‘अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ’ बनाने का सुझाव अगवानी करने पहुंचे बूंदी विधायक अशोक डोगरा व सभापति महावीर मोदी के समक्ष रखा। जिसे दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने स्वीकार लिया। उन्होंने इसका निर्माण नगर परिषद की ओर से कराने की घोषणा भी की थी। शनिवार को सभापति मोदी ने निर्माण स्थल का जायजा भी लिया।

संदेश देंगे चित्र, होंगे आकर्षण का केंद्र

स्तम्भ के चारों ओर चार अलग- अलग पिलर बनाए जाएंगे। जिसमें गाय का बछड़ा दूध पीते शेर का चित्र, ओम (शांति का प्रतीक), सातिया बने होंगे। यह यहां पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पिल्लरों की लम्बाई 7-7 फीट की होगी। सर्किल के चारों ओर अहिंसा एवं जैन धर्म के प्रतीक चिह्नों का समावेश होगा। स्तम्भ निर्माण के लिए डिजाइन बनकर तैयार हो गई।

दूधिया रोशनी में दमकेगा, मकराना के लगेंगे पत्थर

वर्तमान अहिंसा सर्किल ही अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ का रूप लेगा। वर्तमान सर्किल को बीच में बनाया जाएगा। यह स्तम्भ रात में दूधिया रोशनी से दमकेगा। स्तम्भ मकराना के पत्थरों से बनेगा। चारों ओर जालियां लगेंगी।

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‘छोटीकाशी’ के नाम से विख्यात बूंदी शहर के अहिंसा सर्किल पर ‘अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ’ बनने से शहर का आर्थिक विकास होगा। शहर समृद्ध बनेगा। एक अनोखा स्तम्भ बूंदी शहर और यहां आने वाले लोगों को देखने को मिलेगा।
गणाचार्य विराग सागर महाराज

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नगर परिषद सभापति महावीर मोदी ने बताया की अहिंसा सर्किल को ‘अहिंसा विश्व मैत्री स्तम्भ’ का रूप देंगे। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई। नगर परिषद की ओर से इस स्तम्भ के निर्माण पर 15 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। जल्द निविदा प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे।गणाचार्य की प्रेरणा से बनने वाला स्तम्भ लोगों के आकर्षण का केंद्र होगा।