
...यहां फेंकी जा रही झाड़ू... नगर परिषद् के खिलाफ आखिर क्यों उखड़े वाल्मीकि समाज
बूंदी.वाल्मीकि समाज के लोग सोमवार को वाल्मीकि कल्याण परिषद के बैनर तले नगर परिषद के बाहर एकत्र होकर जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचें। अपनी मांग से जिला कलक्टर व उपखंड अधिकारी को अवगत करवाया और जमकर नारेबाजी की । सफाई आयोग अध्यक्ष गोपाल पचेरवाल का पुतला फुका ।
सफाई कर्मी भर्ती में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी के मामले में जांच की मांग पर वाल्मीकि समाज रविवार को दूसरे दिन भी अड़ा रहा। समाज के महिला-पुरुषों ने सुबह नगर परिषद के बाहर सडक़ पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। समझाइश के लिए पहुंचे बूंदी के उपखंड अधिकारी को साफ शब्दों में कहा कि पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराई जाए। इस मांग को लेकर ठेकाकर्मी भी काम पर नहीं गए।
सुबह करीब साढ़े सात बजे बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग नगर परिषद के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने यहां सडक़ पर निकल रहे वाहनों की आवाजाही रोक दी और धरना देकर बैठ गए। वाल्मीकि समाज के लोगों का यहां तर्क था कि जब वर्षों से वे साफ-सफाई का काम करते आ रहे हैं तो फिर सफाई कर्मचारी भर्ती में इस प्रकार धांधली कर उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता।
वाल्मीकि कल्याण परिषद ने उपखंड अधिकारी के नाम सौंपे पत्र में बताया कि रात के वक्त जो गुपचुप परिणाम जारी किया गया उसमें वाल्मीकि समाज के अलावा अन्य लोगों को शामिल कर लिया गया। जबकि इन सभी के लगाए गए अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी हैं। इन प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाए।
उन्होंने पत्र में लिखा कि जब तक प्रमाण पत्रों की जांच नहीं हो एक भी व्यक्ति को नियुक्ति नहीं दी जानी चाहिए।उपखंड अधिकारी दिवांशु शर्मा ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ समझाइश की, लेकिन वह जांच की मांग पर अड़े रहे। इस पर उपखंड अधिकारी ने सोमवार को फिर से मिलने की बात कही।
वाल्मीकि समाज के लोग सुबह साढ़े नौ बजे तक सडक़ जाम कर बैठे रहे। बाद में जुलूस निकाला। इस दौरान विक्रम कुमार डाबोडिया, कमल नरवाला, रवि डागर, अमित डागर, अजय कुमार लद्दड़, सुनील डागर, विक्रम झावा, अनिल तम्बोली, मोनू डाबोडिया, राधेश्याम गोंद आदि मौजूद थे।
शहर से नहीं उठाया कचरा
सफाई कर्मी भर्ती का परिणाम गुपचुप जारी करने का आरोप लगाते हुए रविवार को ठेकाकर्मी काम पर नहीं गए। कचरा गाडिय़ां नगर परिषद से बाहर नहीं निकलने दी गई। ऐसे में शहर का कचरा भी नहीं उठा।
यहां ठेकाकर्मियों ने बताया कि वे समाज के साथ इतना बड़ा धोखा सहन नहीं कर सकते।ूंदी नगर परिषद में 59 सफाई कर्मचारियों की सूची कलक्ट्रेट में चस्पा की गई। इसके लिए 27 जून को लॉटरी निकाली गई थी। इस सूची में वाल्मीकि समाज के अलावा अन्य लोगों को भी सफाईकर्मी के पद पर नियुक्ति दिए जाने के लिए शामिल कर लिया गया। इससे वाल्मीकि समाज के महिला-पुरुष भर्ती से वंचित हो गए।
Published on:
16 Jul 2018, 1:12 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.