हिण्डोली. क्षेत्र के अलोद व दबलाना कस्बे में लंबे समय से पनप रही अवैध गुड़ की भट्टियां एवं अवैध आरा मशीनों पर गुरुवार को प्रशासन ने दबिश डालकर काफी मात्रा में गुड़ को नष्ट कर दिया ,वहीं 10 आरा मशीन सीज की। शाम तक भी खाद्य निरीक्षक व वन विभाग की मौके पर कार्रवाई जारी रही।
जानकारी अनुसार अलोद, दबलाना क्षेत्र में विगत चार से पांच वर्षों से अवैध रूप से गुड़ बनाने का कारोबार जोरों पर था। यहां के एक दर्जन व्यापारी उत्तर प्रदेश के मेरठ से राब लाकर खेतों में भट्टियों का निर्माण कर गुड़ बनाते थे। कई बार खाद्य निरीक्षक ने गुड़ के सैंपल लिए, लेकिन वह पास हो जाता था।
ऐसे में क्षेत्र के लोगों में भारी रोष पनप रहा था। इसके अलावा यहां पर दो दर्जन से अधिक अवैध आरा मशीन संचालित हो रही थी। ऐसे में गुरुवार को उपखंड अधिकारी विनोद कुमार मीणा, पुलिस उपाधीक्षक घनश्याम मीणा, तहसीलदार कमलेश कुमार कुलदीप,नायब तहसीलदार भूपेंद्र ङ्क्षसह हाडा, दबलाना थाना प्रभारी मनोज ङ्क्षसह सिकरवार, खाद्य निरीक्षक संजय ङ्क्षसह, कार्यवाहक रेंजर चंद्र प्रकाश गौतम मय पुलिस जाप्ता के अलोद कस्बे में पहुंचे। जहां पर सबसे पहले अलोद के निकट गुड़ की भट्टी पर रेड डाली। रेड डालते वहां पर कार्य करने वाले लोग फरार हो गए। 11 टन गुड़ जब्त कर उन्हें नष्ट कर दिया गया। एवं काफी मात्रा में गुड़ को जब्त कर लिया।
वन विभाग के फॉरेस्टर चंद्र प्रकाश गौतम ने बताया कि पुलिस प्रशासन के साथ आरा मशीनों पर छापा डाला तो संचालक फरार हो गए।यहां पर मौके पर एक मेटाडोर व ट्रैक्टर लकड़ी से भरा भी जब्त किया। गौतम ने बताया कि 10 आरा मशीनों को मौके पर एक सीज कर दिया
गया है।
बरसों बाद कार्रवाई हुई
यहां पर अवैध आरा मशीन व अवैध गुड़ की भट्टियों पर प्रशासन द्वारा पहली बार बड़ी कार्रवाई हुई है।ऐसे में यहां के लोगों में काफी राहत महसूस की है। लोगों का कहना था कि यह कार्रवाई तीन-चार वर्ष पूर्व होती तो हजारों पेड़ों की बली होने से रोका जा सकता था ।