8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

पुलिस ने पीछा किया तो सडक़ पर अवैध बजरी फैलाता चला गया डंपर चालक

तालेड़ा थाना क्षेत्र के नमाना रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर गश्त के दौरान पुलिस जीप के पीछा करने पर बूंदी से कोटा की ओर जा रहा बजरी से भरा डंपर चलते हुए पीछे से डाला ऊंचा कर अवैध बजरी को आधा किलोमीटर तक सडक़ पर फैलाता हुआ निकल गया। डंपर को तेज गति से भगाकर चालक ले गया।

2 min read
Google source verification
पुलिस ने पीछा किया तो सडक़ पर अवैध बजरी फैलाता चला गया डंपर चालक

तालेड़ा.नमाना रोड पर सडक़ पर अवैध बजरी फैली हुई।

बूंदी. तालेड़ा थाना क्षेत्र के नमाना रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर गश्त के दौरान पुलिस जीप के पीछा करने पर बूंदी से कोटा की ओर जा रहा बजरी से भरा डंपर चलते हुए पीछे से डाला ऊंचा कर अवैध बजरी को आधा किलोमीटर तक सडक़ पर फैलाता हुआ निकल गया। डंपर को तेज गति से भगाकर चालक ले गया। सडक़ पर बजरी फैली होने से चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन फिसलने से हादसे की आशंका बनी हुई है। सुबह 6 करीब का मामला होने के बाद 10 - 11 बजे तक कर्मचारी पहुंचने से पहले ही आसपास के ग्रामीण भी ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बजरी भर कर ले गए। तालेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची कर सबको वहां से भगाया गया। शेष बची बजरी को जेसीबी से टैक्टर ट्रॉली में भर कर विभाग ने जब्त की है। बाधित यातायात को बहाल करवाया है।

लोडिंग वाहनों में सवारियां, सडक़ पर उड़ रही नियमों की धज्जियाँ
रामगंजबालाजी
. जिले में सडक़ सुरक्षा और यातायात नियमों की लगातार अनदेखी हो रही है। शहर से लेकर गांवों तक, हाईवे से लेकर ग्रामीण मार्गों तक, आए दिन यात्री लोडिंग वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और मालवाहक गाडिय़ों में बैठे नजर आते हैं। इसके बावजूद यातायात विभाग की ओर से इन पर कोई सख्ती नहीं की जा रही है।
हर दिन किसी न किसी कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन या ग्रामीण कार्य में लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में महिलाओं-बच्चों समेत भरकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचते हैं। वहीं, अन्य मालवाहक वाहनों को भी सवारी ढोने के लिए उपयोग में लिया जा रहा है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। यातायात पुलिस कर्मी जगह-जगह तैनात रहकर दुपहिया वाहन चालकों के हेलमेट व चारपहिया वाहनों के सीट बेल्ट पर तो चालान काटते हैं, लेकिन इन बड़े उल्लंघनों पर आंख मूंदे रहते हैं। यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों की सख्ती केवल आम नागरिकों पर ही क्यों लागू होती है, जबकि खुलेआम नियम तोडऩे वाले वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रशासन से मांग की गई है कि लोङ्क्षडग वाहनों में सवारी ढोने पर सख्ती से रोक लगाई जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।