- 27 हजार मतदाता पहली बार करेंगे मतदान
बुरहानपुर. लोकतांत्रिक व्यवस्था में मताधिकार से बड़ा और कोई अधिकार व कर्तव्य नहीं है। मताधिकार ही सशक्त भी करता है और जिम्मेदार भी बनाता है। वोट जिसे हम मताधिकार कहते हंै। वाइस ऑफ टैक्स पेइंग एलीट्स ज्यादा टैक्स अदा करने वाले व्यक्ति को हुआ करता था। शन:शन: लंबे संघर्ष के बाद एक वर्ग को मताधिकार प्राप्त हो सका।
यह बात पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने कही। चिटनीस ने कहा हमारा देश परंपरा से एवं स्वभाव से लोकतांत्रिक रहा है। इसलिए आपातकाल के काले अध्याय को छोड़ दें तो भारत सशक्त व उज्जवल लोकतांत्रिक का एक जाजल्यमान दीप स्तंभ है। वर्ष 2012 से मैं नव मतदाताओं को बधाई पत्र भेजती रही हूं। मेरा अनुभव रहा है युवा मन पर इस प्रकार के संदेश का गहरा व उम्रभर के लिए प्रभाव छोड़ता है। मताधिकार के संघर्ष में लोकमत परिष्कार के प्रयास स्वरूप इसे इस प्रयोग को पुन: हाथ में हमने लिया है।
यह है बुरहानपुर विधानसभा के यूथ मतदाता
विधानसभा में 18 से 26 वर्ष तक आयु के मददाताओं को चिन्हित किया गया। वैसे 18 से 23 वर्ष तक की आयु के 27 हजार 333 नव मतदाता चिन्हित हुए। युवा मोर्चा के हमारे साथी कार्यकर्ताओं द्वारा 26 वर्ष तक की आयु के मतदाताओं को इसमें शामिल करने का अनुरोध किया, जो मुझे भी स्वीकार ने योग्य लगा। इन्हें जोड़ते हुए यह संख्या 42 हजार 104 की सूचीबद्ध हुई।
उन्होंने कहा हाथ से लिखे इस पत्र को तैयार कर प्रत्येक युवा मतदाता का हाथ से नाम लिखा गया। बूथवार इस प्रकार सामग्री, सूची एवं वोटर लिस्ट के साथ तैयार कर शक्ति केन्द्र वार बैठकें नियोजित की गई। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर बूथ अध्यक्ष, बीएलए, महामंत्री व कार्यकर्ताओं ने घर.घर जाकर वितरण का बीड़ा उठाया। 42 हजार 104 में से 36 हजार 821 पत्रों का वितरण हो चुका है। 345 बूथ में से 311 बूथों पर कार्य पूर्ण होने के साथ ही पत्र मिलने पर तो प्राप्त हुई उत्साहपूर्ण स्नेहमयी प्रतिक्रिया वह अद्वितीय है।