
ATM sirens on midnight panicked people out
बुरहानपुर. आधी रात को एटीएम का सायरन बजने से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हड़-बड़ाहट में घरों से बाहर निकल कर एटीएम के पास पहुंचे, तो वहां कोई नहीं था। लेकिन सायरन बज रहा था। कुछ देर लोगों की भीड़ लग गई। आपराधिक घटना होने की शंका पर पुलिस को इसकी सूचना दी। रात में पुलिस भी मौके पर पहुंची और एटीएम को देखा। बैंक अधिकारियों को फोन भी लगाया, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। बाद में पुलिस भी वहां से चली गई।
मामला सोमवार देर रात को राजपुरा गेट के बाहर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के समीप ही लगे बैंक के एटीएम का है। मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को लगने पर पुलिस अफसर जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने एटीएम को चेक किया और एटीएम का उपयोग करे देखा की वह काम कर रहा है या नहीं। सायरन बजने के कारण का पता करने के लिए उन्होंने बैंक अधिकारियों को भी फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। उसके बाद अधिकारी भी वहां से चले गए। मंगलवार को हड़ताल के कारण बैंक नहीं खुली थी।
सुरक्षा के लिए लगता है सायरन
एटीएम में सुरक्षा की दृष्टि से सायरन लगाया जाता है। यदि कोई एटीएम से छेड़छाड़ करता है, जबरन कार्ड डालता है या एटीएम को तोड़कर रुपए निकालने का प्रयास करता है, तो इसमें लगा सायरन बज जाता है। जिससे सभी को इसकी जानकारी होती है।
एटीएम की सुरक्षा के लिए नहीं गार्ड
शहर में एटीएम की सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं है। लगभग सभी एटीएम में सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं किए गए है। जबकि नियमानुसार एटीएम में गार्ड रहना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की कोई आपराधिक घटना नहीं हो।
शहर के लगभग सभी एटीएम की सुरक्षा भगवान भरोसे है। एक एटीएम में रुपए निकालने के लिए दो से अधिक लोग अंदर रहते हैं। काडज़् के नंबर से लेकर पासवडज़् तक की गोपनीयता नहीं बचती। एटीएम पर गाडज़् तैनात रहे तो इस तरह की वारदात में कामी आ सकती है, लेकिन बैंक प्रबंधक ग्राहकों की रकम को लेकर जरा भी सतज़्क नहीं है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वारदात के बाद पूरी जिम्मेदारी पुलिस पर थोप दी जाती है। जबकि पुलिस अधिकारी लम्बे समय से एटीएम पर सुरक्षा के लिए गाडज़् तैनात करने की चेतावनी बैंक प्रबंधकों को दे रहे हैं।
Published on:
23 Aug 2017 12:48 pm
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